2021-25 तक 36 देशों में हमलों के 302 मामले आए सामने
विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में पेश किए डेटा के अनुसार, पिछले 5 सालों में विदेशों में भारतीयों पर हमलों की घटनाएं लगभग 7 गुना बढ़ गई हैं। जहां साल 2021 में भारतीयों पर हमलों के सिर्फ 15 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 104 हो गई।
विदेश मंत्रालय द्वारा दिए डेटा के अनुसार, 2021 से 2025 तक कुल 36 देशों और क्षेत्रों में भारतीयों पर हमलों के 302 मामले सामने आए। ये आंकड़े हर साल लगातार बढ़ रहे हैं। 2021 में 15 केस के बाद, 2022 में यह संख्या बढ़कर 31 हो गई। 2023 में, केस दोगुने से ज्यादा बढ़कर 67 हो गए। 2024 में 85 केस रिपोर्ट हुए और 2025 में 104।
5 साल के डेटा के मुताबिक, अमेरिका 33 केसों के साथ लिस्ट में सबसे ऊपर के स्थान पर है। इसके बाद यूनाइटेड अरब अमीरात 32, UK 31 और कनाडा 30 केस के साथ दूसरे नंबर पर है। रूस में 23, आयरलैंड में 24 और जर्मनी में 19 केस थे। अमेरिका में हमलों की संख्या में हर साल काफी उतार-चढ़ाव होता रहा है। 2021 में एक केस के बाद, 2022 में यह संख्या बढ़कर 6 हो गई। 2023 में फिर से एक केस रिपोर्ट हुआ, लेकिन 2024 में यह संख्या तेज़ी से बढ़कर 11 और 2025 में 14 हो गई।
UAE में, 2021 में 3 केस के बाद, 2022 में यह संख्या बढ़कर 4, 2023 में 7, 2024 में 6 और 2025 में 12 हो गई। कनाडा में, 2021 में 3 केस के बाद, 2022 और 2023 में 6-6, 2024 में 7 और 2025 में 8 केस रिपोर्ट हुए। अमेरिका में 2021 में 1, 2022 में 4, 2023 में 11 और 2024 में 10 केस रिपोर्ट हुए। 2025 में यह संख्या घटकर 5 हो गई। आयरलैंड में 2021 और 2022 में एक केस के बाद 2023 में 5, 2024 में 7 और 2025 में 10 केस रिपोर्ट हुए।
जर्मनी में 2024 में 12 केस रिपोर्ट हुए, जो 5 साल में किसी एक साल में सबसे ज्यादा थे। हालांकि, 2025 में यह संख्या घटकर 4 हो गई। रूस में 2023 में 7, 2023 में 12 केस रिपोर्ट हुए। इसके बाद 2024 में 2 और 2025 में 8 केस रिपोर्ट हुए। अफ्रीकी देश माली का मामला भी सामने आया है। 2021 से 2024 तक वहां भारतीयों पर हमले का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ, लेकिन 2025 में अचानक 11 मामले सामने आए।
इससे पता चलता है कि भारतीय नागरिकों से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियां सिर्फ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और बचाव सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।