मॉन्ट्रियल गुरु घर के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने सदस्य को मारा थप्पड़, घटना सीसीटीवी में हुई कैद
कनाडा के एक गुरुद्वारे में गुरु की गोलक के हिसाब-किताब को लेकर 2 गुटों में झड़प हो गई। यह घटना तब हुई जब गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग चल रही थी। मीटिंग के दौरान, कमेटी के प्रेसिडेंट को एक मेंबर पर भाला लहराते देखा गया। मेहर सिंह गुट के मेंबरों ने आरोप लगाया कि प्रेसिडेंट ने हमला करने की कोशिश की, जिससे दोनों ग्रुप में झड़प हो गई।
उनके बीच हाथापाई हुई और भारी हंगामा हुआ। इस झगड़े का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, इसे 2 अगस्त को एक इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया था। कनाडा के मॉन्ट्रियल में लसाले गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हॉल में मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग चल रही थी। मीटिंग के दौरान, गोलक की रकम का हिसाब-किताब और धार्मिक नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया। बहस जल्द ही बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वीडियो में प्रेसिडेंट सुरजीत सिंह सफेद कुर्ता पहने कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं। हॉल के एक कोने में बैठे मेंबर मेहर सिंह जैसे ही सवाल पूछते हैं, प्रेसिडेंट अपने गले से सारोंग उतारकर टेबल पर रख देते हैं और तेज़ी से उनकी तरफ बढ़ते हैं। मेहर सिंह भी तुरंत खड़े हो जाते हैं, अपनी पगड़ी उतारकर एक तरफ रख देते हैं। इसके बाद प्रेसिडेंट उन्हें थप्पड़ मार देते हैं। जवाब में मेहर सिंह हमला करने की कोशिश करता है और दोनों के बीच हाथापाई हो जाती है।
इस हाथापाई के दौरान वे एक-दूसरे का गला पकड़ लेते हैं। मौके पर मौजूद लोग दोनों को अलग करने की कोशिश करते हैं। इसी बीच, प्रेसिडेंट दरवाजे के पास पड़ा भाला उठाकर मेहर सिंह पर तान देते हैं। हालांकि, वहां मौजूद लोग उन्हें रोकते हैं और एक तरफ ले जाते हैं। बाद में, दूसरे मेंबर्स ने मामला शांत किया और मेहर सिंह को दोबारा पगड़ी बांधने में मदद की। गुरुद्वारे के हेड सुरजीत सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के चिट्टा गांव के रहने वाले हैं। वह करीब 10 साल से गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी से जुड़े हैं।
आरोप है कि जब उनसे गोलक के खाते के बारे पूछा तो वह गुस्सा हो गए और हमला करने की कोशिश की। वीडियो सामने आने के बाद सिख समुदाय और कनाडा में भारतीय समुदाय में भारी गुस्सा है। श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थल पर हिंसा और हथियार लहराने की घटना की निंदा की है और इसे गुरुद्वारे की पवित्रता का उल्लंघन बताया है। समुदाय ने गोलक के खाते की निष्पक्ष जांच, प्रेसिडेंट को पद से हटाने और नए प्रेसिडेंट की नियुक्ति की मांग की है।