पंजाब प्रांत के फारूखाबाद में भूमाफिया और प्रशासन पर कार्रवाई का आरोप
फारूखाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फारूखाबाद (मंडी चूरकाना) में करीब 125 साल पुराने ऐतिहासिक सिंह सभा गुरुद्वारे का एक हिस्सा ढहा दिए जाने से सिख समुदाय में भारी नाराजगी है। आरोप है कि शुक्रवार, 26 जून को भूमाफिया ने प्रशासन की मौजूदगी में यह कार्रवाई की।
गुरुद्वारे के एक हिस्से को गिराए जाने के बाद सिख समुदाय ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते आगे की तोड़फोड़ रोक दी गई। विरोध के बाद प्रशासन ने फिलहाल परिसर को सील कर दिया है और वहां किसी भी प्रकार के निर्माण या ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी गई है।
स्थानीय जानकारों और सिख समाज से जुड़े कार्यकर्ताओं के अनुसार, करीब चार वर्ष पहले तक इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे की प्राचीन पहचान और विरासत सुरक्षित थी। उस समय के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए थे। आरोप है कि इसके बाद भूमाफिया ने गुरुद्वारे का मुख्य गुंबद भी ध्वस्त कर दिया।
सिख समुदाय का कहना है कि उस समय भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और विरोध जताया गया था, लेकिन संबंधित प्राधिकरणों और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदार संस्थानों ने इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसके चलते अब गुरुद्वारे के एक और हिस्से को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है।