Trump-Powell Conflict: फेड गवर्नर पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी, पॉवेल का आरोप ‘गर्दन पकड़कर ब्याज दरें घटवाना चाहते हैं’
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने वाशिंगटन डीसी स्थित फेडरल रिजर्व मुख्यालय के नवीनीकरण में हुई कथित गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है।
Trump-Powell conflict Latest news in Hindi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच बढ़ता तनाव अब सार्वजनिक हो गया है। यह विवाद कोर्ट तक भी पहुंच सकता है, क्योंकि ट्रंप ने पॉवेल को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने वाशिंगटन डीसी में स्थित फेडरल रिजर्व मुख्यालय के 2.5 बिलियन डॉलर के रेनोवेशन प्रोजेक्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर औपचारिक आपराधिक जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि इस परियोजना के प्रबंधन में फंड का दुरुपयोग किया गया।
इस जांच को लेकर पॉवेल ने ट्रंप प्रशासन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस आपराधिक जांच को सिर्फ एक बहाना करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि उन्होंने व्हाइट हाउस के राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकने का निर्णय लिया। पॉवेल का स्पष्ट दावा है कि ट्रंप प्रशासन उनसे मनमाने तरीके से ब्याज दरें घटवाना चाहता है। उनका कार्यकाल इस साल मई में समाप्त हो रहा है।
अपने कार्यकाल के दौरान ट्रंप कई बार पॉवेल की आलोचना कर चुके हैं और अब वे फेडरल रिजर्व गवर्नर पर सीधे केस करने की तैयारी में हैं। यह पहली बार है कि किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने केंद्रीय बैंक के प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की है। डोनाल्ड ट्रंप और जेरोम पॉवेल के बीच विवाद की मुख्य वजह ब्याज दरें हैं। ट्रंप पिछले एक साल से पॉवेल पर ब्याज दरों में तेजी से कटौती न करने के लिए लगातार हमला कर रहे हैं। हालांकि फेड ने पिछले साल तीन बार दरों में कटौती की थी, पॉवेल ने हाल ही में संकेत दिया है कि महंगाई को देखते हुए फिलहाल और कटौती संभव नहीं है। इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज़ हैं।
ट्रंप की टीम, जिसमें बजट निदेशक रस वॉट और बिल पुल्टे शामिल हैं, का दावा है कि फेड में कुप्रबंधन चरम पर है, जबकि फेड का कहना है कि मुख्यालय में एस्बेस्टस हटाने और पुरानी प्रणालियों को अपग्रेड करने के लिए फंड का सही इस्तेमाल किया गया। पॉवेल ने रविवार रात जारी एक वीडियो बयान में कहा कि ट्रंप प्रशासन उन पर दबाव डालकर ब्याज दरें कम करवाना चाहता है, ताकि चुनाव और राजनीतिक फायदे के लिए अर्थव्यवस्था को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा सके।
पॉवेल ने कहा, “मुझे आपराधिक आरोपों का डर दिखाया जा रहा है क्योंकि फेड जनता के हित में निर्णय ले रहा है, न कि राष्ट्रपति की पसंद के आधार पर।” उनका तर्क है कि अगर वे आज राजनीतिक दबाव में आकर ब्याज दरें घटाते हैं, तो भविष्य में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई का ऐसा विस्फोट होगा जिसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष इस बात का है कि देश की मौद्रिक नीति सबूतों और आंकड़ों पर आधारित होगी या फिर इसे राजनीतिक धमकियों और दबाव के जरिए संचालित किया जाएगा।
मई में खत्म हो रहा कार्यकाल
यह कानूनी ड्रामा ऐसे समय में सामने आया है जब पॉवेल का कार्यकाल मई में समाप्त होने वाला है और ट्रंप उनके उत्तराधिकारी की तलाश कर रहे हैं। ट्रंप पॉवेल को आपराधिक जांच में फंसा कर यह संदेश देना चाहते हैं कि आने वाला नया गवर्नर पूरी तरह व्हाइट हाउस के निर्देशों का पालन करे। यदि फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता समाप्त हो जाती है, तो इसका डॉलर की साख और वैश्विक बैंकिंग प्रणाली पर गंभीर और विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।
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