Iran Proterst: ईरान में बिगड़े हालात! भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह, भारतीय दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी
ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है।
Indian citizens leave Iran advisory: ईरान में जारी उग्र सरकार-विरोधी प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए नई और सख्त यात्रा सलाह (एडवाइजरी) जारी की है। दूतावास ने ईरान में रहने वाले सभी भारतीयों छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से अनुरोध किया है कि वे उपलब्ध साधनों, विशेषकर वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए, जल्द से जल्द देश छोड़ें। यह एडवाइजरी 5 जनवरी 2025 को जारी पहली सलाह के बाद जारी की गई है। दूतावास ने बताया कि ईरान में स्थिति लगातार बदल रही है और कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों की घटनाएं हो रही हैं।
भारत ने जारी की नई एडवाइजरी
इस एडवाइजरी में बताया गया है कि यह 5 जनवरी को जारी पिछली एडवाइजरी की कड़ी है और ईरान की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने का अनुरोध किया है। उन्हें किसी भी विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही, ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने और स्थानीय मीडिया पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि वे किसी भी नई जानकारी से तुरंत अवगत हो सकें।
ईरान में 12 हजार लोगों की मौत का दावा
ईरान में बुधवार शाम 300 शवों को दफनाया जाएगा। अंग्रेजी अखबार द गार्जियन के अनुसार, इन शवों में प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षा बलों के शव भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम तेहरान यूनिवर्सिटी के कैंपस में कड़ी सुरक्षा के बीच हो सकता है।
प्रदर्शन में हुई मौतों पर नजर रखने वाली अमेरिकी संस्था Human Rights Activists News Agency के मुताबिक अब तक 2,550 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सुरक्षा बल शामिल हैं।
हालांकि, ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली वेबसाइट Iran International ने दावा किया है कि देशभर में कम से कम 12,000 लोगों की मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर गोली लगने से मारे गए हैं।
ईरान में 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी को फांसी!
ईरान में 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। द गार्डियन के अनुसार, उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। उन पर हिंसा भड़काने और ‘ईश्वर के खिलाफ जंग छेड़ने’ जैसे आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में अब कोई अतिरिक्त ट्रायल नहीं होगा, और परिवार को केवल 10 मिनट के लिए अंतिम मुलाकात का मौका मिलेगा।
ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन आज 18वें दिन में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर ईरानी अधिकारी सरकार के खिलाफ विद्रोह करने वालों को फांसी देना शुरू करते हैं, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। इस पर ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ईरान में लोगों के हत्यारे करार दिया।
सुल्तानी पर सरकार के खिलाफ युद्ध भड़काने का आरोप
इरफान सुल्तानी पर मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने) का आरोप लगाया गया है। यह ईरानी कानून के तहत सबसे गंभीर अपराधों में से एक माना जाता है, और इसकी सजा मौत (फांसी) है। यह आरोप आमतौर पर उन लोगों पर लगाया जाता है, जिन्हें सरकार के खिलाफ विद्रोह या हिंसा भड़काने का दोषी माना जाता है।
सुल्तानी को ट्रायल, वकील या अपील का कोई अवसर नहीं दिया गया। गिरफ्तारी के बाद परिवार को बताया गया कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है, जिसे 14 जनवरी को लागू किया जाएगा।
मानवाधिकार संगठन और निर्वासित एक्टिविस्ट्स का कहना है कि यह तेज़-तर्रार फांसी (फास्ट-ट्रैक एक्जीक्यूशन) का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य डर फैलाकर अन्य हजारों प्रदर्शनकारियों (10,000+ गिरफ्तार) को दबाना है। यह विरोध प्रदर्शनों के दौरान पहली फांसी होगी।
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे अधिक लोगों को फांसी देने वाला देश है। नॉर्वे स्थित ईरान मानवाधिकार समूह के अनुसार, पिछले साल ईरान में कम से कम 1,500 लोगों को फांसी दी गई।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, हिंसा और सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों की खबरें सामने आई हैं, जिससे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी सरकार ईरान पर लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रही है और अमेरिकी सेना स्टैंडबाय मोड में है। फिलहाल कोई सैन्य कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर वे सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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