Robotics Technology News: मानव जैसे घरेलू रोबोट बाजार में, लेकिन क्या हम सच में उन्हें अपने घर में चाहते हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष अन्य घरेलू मानवनुमा रोबोट भी बाजार में आ सकते हैं।
Robotics Technology News: पिछले वर्ष नॉर्वे-अमेरिका की प्रौद्योगिकी कंपनी 1X Technologies ने एक अनोखे उत्पाद की घोषणा की थी— “दुनिया का पहला मानवनुमा रोबोट, जिसे घरेलू जीवन को बदलने के उद्देश्य से बनाया गया है।” (Human-like domestic robots are in the market, but do we really want them in our homes? )
168 सेंटीमीटर लंबा और 30 किलोग्राम वजनी ‘नियो’ नामक यह रोबोट करीब 20,000 अमेरिकी डॉलर की कीमत का है। कंपनी का दावा है कि यह कपड़े तह करने और बर्तन धोने जैसी घरेलू गतिविधियों को स्वचालित तरीके से कर सकता है।
‘नियो’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणाली लगी हुई है, लेकिन जटिल कार्यों के लिए कंपनी का एक कर्मचारी वर्चुअल रियलिटी हेलमेट पहनकर इसे दूरस्थ रूप से नियंत्रित करता है। इस दौरान ऑपरेटर घर के भीतर रोबोट की दृष्टि के माध्यम से जो भी देखता है, उसे वास्तविक समय में देख सकता है, और यह प्रक्रिया भविष्य में सीखने के लिए रिकॉर्ड भी की जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल अन्य घरेलू मानवनुमा रोबोट भी बाजार में आ सकते हैं। हालांकि, ‘नियो’ उन चुनौतियों को उजागर करता है जो हालिया एआई उछाल में सामने आई हैं—भारी प्रचार के बावजूद सीमित क्षमताओं वाले उत्पाद, गोपनीयता से जुड़े छिपे हुए जोखिम, और पर्दे के पीछे काम कर रहे अदृश्य दूरस्थ कर्मचारी।
मानव जैसी मशीनों की कल्पना प्राचीन मिथकों से जुड़ी रही है, लेकिन उन्हें व्यावहारिक उपभोक्ता उत्पाद के रूप में देखना अपेक्षाकृत नया विचार है। दुनिया भर में 50 से अधिक कंपनियां ऐसे रोबोट विकसित कर रही हैं। हाल के वर्षों में बैटरी, मोटर और सेंसर जैसे हार्डवेयर में सुधार—विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की प्रगति—और उन्नत एआई प्रणालियों ने इस क्षेत्र में गति बढ़ाई है।
फिर भी चुनौतियां बरकरार हैं। घर, अस्पताल या अन्य अनियंत्रित वातावरण में रोजमर्रा के काम करना रोबोट के लिए अभी भी कठिन है। वैक्यूम क्लीनर जैसे विशेष रोबोट तो आम हो गए हैं, लेकिन मानव घरों की संरचना रोबोट के अनुकूल नहीं है। कई सूक्ष्म कार्यों में अभी भी विशेष मशीनें बेहतर प्रदर्शन करती हैं।
रोबोट के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए वास्तविक दुनिया से विस्तृत डेटा की आवश्यकता होगी, जो लोगों के घरों में काम करते समय एकत्र किया जाएगा। इससे निजी जीवन से जुड़े संवेदनशील डेटा के संग्रहण का खतरा बढ़ता है और गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इसके अलावा, तकनीकी उद्योग में बढ़ते दूरस्थ ऑनलाइन श्रम से सामाजिक-आर्थिक असमानता और कम वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों के शोषण जैसी चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं।
International Federation of Robotics के अनुसार, व्यापक रूप से स्वीकार्य और उपयोगी घरेलू मानवनुमा रोबोट आने में अभी लगभग 20 साल लग सकते हैं। वहीं, जापानी शोधकर्ता Hiroshi Ishiguro दशकों से मानव-सदृश ‘जेमिनॉइड’ बना रहे हैं, जिनका उद्देश्य केवल सुविधा या मुनाफा नहीं, बल्कि यह समझना है कि मानव होने का मतलब क्या है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े भाषा मॉडल और जेनरेटिव एआई के एकीकरण से भविष्य में ये रोबोट और अधिक सक्षम बन सकते हैं। हालांकि, उनकी दक्षता, स्वायत्तता और नेविगेशन में सुधार के लिए वर्षों का अनुसंधान और निवेश आवश्यक होगा।
गोपनीयता से जुड़े जोखिम इस तकनीक के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़े हैं। अत्यधिक उन्नत रोबोट घर में निजी जीवन से संबंधित विस्तृत डेटा एकत्र कर सकते हैं, जिससे दुरुपयोग और डेटा उल्लंघन की संभावना बढ़ जाती है। इन चुनौतियों के बावजूद, मानवनुमा रोबोट वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को प्रेरित करते रहेंगे। फिर भी, विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हें घर के काम सौंपने से पहले गंभीर विचार और सावधानी बरतना आवश्यक है।
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