केंद्रीय बजट 2026 विकसित भारत की मजबूत नींव: जीवेश कुमार

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, बिहार

आयकर स्लैब में कोई बदलाव न कर सरकार ने करदाताओं को स्थिरता का संदेश दिया

जीवेश कुमार

केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माननीय विधायक सह पूर्व मंत्री श्री जीवेश कुमार ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला, समावेशी एवं जनकल्याणकारी है। यह बजट हर वर्ग—गरीब, किसान, महिला, युवा, कारीगर, विद्यार्थी और उद्यमी—के सशक्तिकरण का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

उन्होंने कहा कि आयकर स्लैब में कोई बदलाव न कर सरकार ने करदाताओं को स्थिरता का संदेश दिया है। वहीं रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करना करदाताओं के लिए बड़ी राहत है। नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने और सरल फॉर्म व्यवस्था से कर प्रक्रिया और सहज होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त करने से इलाज सस्ता होगा। साथ ही हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को ड्यूटी फ्री किया जाना संवेदनशील निर्णय है। 3 आयुर्वेदिक AIIMS और 5 मेडिकल हब की घोषणा स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती देगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर—दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी सहित—और अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग देश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाओं का विकास पूर्वी भारत के लिए ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास हेतु ₹12.2 लाख करोड़ के निवेश से शहरी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। शिक्षा क्षेत्र में 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में क्रिएटर लैब युवाओं में नवाचार और कौशल को बढ़ावा देंगी।

महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, STEM शिक्षा में लड़कियों को प्राथमिकता तथा लखपति दीदी मॉडल के तहत SHE-Mart की स्थापना से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी।

कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को आय और रोजगार का सशक्त माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। नारियल प्रोत्साहन योजना, 500 तालाबों और अमृत सरोवरों के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

हैंडलूम और टेक्सटाइल सेक्टर में नेशनल हैंडलूम पॉलिसी और नेशनल फाइबर स्कीम से कारीगरों को नई पहचान मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र में 10,000 गाइड्स के प्रशिक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आयुर्वेद और बायोफार्मा क्षेत्र में ₹10,000 करोड़ निवेश के साथ भारत को वैश्विक हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा बजट में 16 प्रतिशत वृद्धि कर ₹7,84,678 करोड़ का प्रावधान आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करेगा। अंत में श्री जीवेश कुमार ने कहा, “यह बजट गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक नेतृत्व तक, हर मोर्चे पर भारत को मजबूत करने वाला है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस दूरगामी एवं जनहितैषी बजट के लिए बधाई दी।