चास नगर निगम : आ गया है मतदान की बारी, कौन पड़ेगा किस पर भारी?
चास नगर निगम सीट पर चतुष्कोणीय संघर्ष के लग रहे हैं आसार, शेष प्रत्याशी चुनावी दौड़ में हैं काफी पीछे
चास : चास नगर निगम चुनावी रंग में पूरी तरह से अब रंग चुका है। सियासी चादर बिछ गया है तथा प्रत्याशियों द्वारा अपना जनाधार बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में अब चाय के चुस्कियों के बीच हार जीत का चर्चा सरेआम होना शुरू हो गया है। भोंपू के स्वर के साथ-साथ प्रत्याशियों का डोर टू डोर अभियान भी काफी तेज हो गया है।चुनाव होने में अब महज चंद लम्हों का फैसला रह गया है और ऐसे में नगर निगम के मेयर पद के सभी उम्मीदवार पूरे गर्म जोशी के साथ हवा का रुख अपने पक्ष में करने का हर संभव प्रयास में जी जान से लग चुके हैं ।कोई युवाओं पर अपना पूरा फोकस कर रहे हैं तो कोई अपना जातीय समीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा हैं ।अपने-अपने घोषणा पत्र जारी कर सभी प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने में लगे हुए हैं तथा चास को चमन बनाने का फिर से दीवास्पन भी दिखाया जा रहा है। गरीब हो या फिर मजदूर प्रत्याशियों द्वारा सभी का चरण वंदन किया जा रहा है। नगर निगम के मेयर पद के लिए यहां कुल 31 प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैंऔर सभी को अपने-अपने वोट बैंक पर पूरा भरोसा है और यही कारण है कि चुनाव के अंतिम दौर में ये अपना पूरा शक्ति झोंक दिए हैं और दमखम के साथ चुनाव में लग गए हैं। पान की गुमटी से लेकर चाय की दुकान तक में सिर्फ चुनाव का ही चर्चा रह गया है तथा चुनाव के इस दौर में कौन कितना पानी में है तथा चुनावी दंगल कौन जीतेगा,इसको लेकर भी बहस अब तेज हो गया है,इसका समीक्षा भी किया जा रहा है। दिन प्रतिदिन बन बिगड़ रहे समीकरण के अनुसार अब 31 में से सिर्फ चार प्रत्याशियों के बीच ही मुकाबला होना लगभग लगभग तय माना जा रहा है तथा शेष प्रत्याशी चुनाव के दौड़ में काफी पीछे छूटते हुए दिखाई दे रहे हैं तथा धीरे धीरे तस्वीर साफ हो रहा है और इस बात का अनुमान न सिर्फ मतदाताओं को हो गया है बल्कि मन ही मन प्रत्याशी को भी सच्चाई का एहसास हो गया है तभी तो वे दांव पर लग चुकी अपनी प्रतिष्ठा को बचाने में जुटे हुए हैं। चुनावी अखाड़े में एक दूसरे को पलटनिया देने के लिए प्रत्याशियों द्वारा हर हथकंडा को अपनाया जा रहा है। तीन प्रमुख राजनीतिक दलों के द्वारा अपना प्रत्याशी को यहां मैदान में उतारा गया है और राजनीतिक पार्टी के आला कमान किसी भी कीमत पर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हार जीत का फैसला तो मतदान के बाद ही हो पाएगा तथा चुनाव में अभी कुछ दिन शेष रह गया है इसलिए कुछ भी कह पाना अभी जल्दीबाजी होगा क्योंकि कयामत का रात अभी बाकी है और बाजी पलटने में देर नहीं लगता है परंतु इतना तो तय है कि सिर्फ चार प्रत्याशी के बीच ही अब कांटे का टक्कर रह गया है और चास नगर निगम मेयर पद के सीट पर चतुष्कोणीय मुकाबला का आसार साफ-साफ दिखाई दे रहा है। मतदाता भी अब अपना चुप्पी तोड़ रहे हैं और अपने प्रत्याशी का नाम बताना शुरू कर दिए हैं ।कोई विकास के नाम पर वोट मांग रहा है तो कोई परिवर्तन के नाम पर परंतु मतदाता काफी जागरूक हो चुकी हैं और इन प्रत्याशियों के भीड़ में भी छुपे हुए रंगे सियार का पहचान कर रहे हैं जो कलतक लोगों को ठगने का काम करते रहा है तथा जिसका छवि पहले से ही धूमिल रहा है, ऐसे प्रत्याशी को मतदाता इस बार सबक सीखाने का मन बना चुकी है । इस चतुष्कोणीय मुकाबला में जनता की ओर से समीकरण में दो राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी के बीच कड़ा मुकाबला दिखने को मिल सकता है ,साथ ही दो में तीसरे ओर चौथे पर रहेगा ।
(निर्मल महाराज की कलम से)