चौकीदार-दफादार साथियों पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय :चिराग पासवान 

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, बिहार

गांवों की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ रहे इन वफादार कर्मियों की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाना किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के अनुरूप नहीं है

चिराग पासवान

पटना (राकेश कुमार): केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री सह लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपने एक्स पर पोस्ट कर लिखा की पटना में अपनी जायज़ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदार-दफादार साथियों पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। गांवों की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ रहे इन वफादार कर्मियों की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाना किसी भी संवेदनशील व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।

यह घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। चौकीदार-दफादार साथियों की समस्याओं तथा उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि सांसद श्री अरुण भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री से शीघ्र भेंट करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें उनकी उचित मांगों के समाधान, सेवा-संबंधी समस्याओं के स्थायी निराकरण तथा दोषी प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग शामिल होगी।

मैं स्वयं भी इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री जी से मिलकर चौकीदार-दफादार साथियों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करूंगा तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करूंगा।

सुधार के नाम पर वर्षों से सेवा दे रहे परिवारों की आजीविका और गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं है। गांवों की सुरक्षा करने वालों का सम्मान और भविष्य सुरक्षित रखना समाज एवं सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।

दफ़ादार-चौकीदार के पुलिसीय कार्रवाई के ख़िलाफ़ सदन में विपक्ष की हंगामा 

बिहार विधानसभा में विपक्ष ने चौकीदार एवं दफ़ादार पर पुलिसीय कार्रवाई व लाठी चार्य के खिलाफ मामला सदन में उठाया तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व भाई वीरेन्द्र के बीच काफी तीखी नोक झोंक एवं तू तू मैं हुआ। इससे आहत विपक्ष के सभी सदस्यों ने सदन के वेल में पहुंच कर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में पहले काम हुआ था। सब काम तो हमारी सरकार ने ही की हैं। इनके पन्द्रह वर्षों की शासन काल में पहले कोई घर से बाहर निकलता था। जब से हमारी सरकार बनी , तब से कितना काम हुआ हैं। हमने आपको दो दो बार मंत्रिमंडल में रखा तो गड़बड़ करने लगे तो हटा दिया। पहले कितना  थे ।अब कितना पर आ गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री विजय कु चौधरी ने विपक्ष की बातों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार चाहती तो वे आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन नहीं करते। सरकार के  इजाजत के बिना किसी तरह का  धरना - प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार की ओर से वित्त मंत्री को उतर देने को कहा। वित मंत्री विजेन्द्र यादव ने कहा कि चौकीदार व दफ़ादार के डेलीगेट्स को बुलाकर मामले पर विस्तार से चर्चा करेंगे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के मुख्य सचेतक कु सर्वजीत ने चौकीदार व दफ़ादार ने वेतनमान में बढ़ोतरी एवं प्रमोशन की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियो पर लाठी चार्य एवं पुलिसीय कार्रवाई के खिलाफ मामले को उठाते हुए कहा कि चौकीदार पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर काम करते रहे हैं। लेकिन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें दौरा दौरा कर पीटा ।इस पर सरकार को जवाब देनी चाहिए़। भाई वीरेन्द्र ने अपने आसन पर खड़ा होकर कार्रवाई करने की बात कही तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आग बबूला हो गए। मुख्य मंत्री नीतीश कुमार एवं भाई वीरेन्द्र में तीखे नोक झोंक हुआ।  विपक्षी सदस्य सदन के वेल में पहुंचकर सरकार विरोधी नारे बाजी करने लगे। स्पीकर डॉ प्रेम कुमार ने विपक्षी सदस्यों को काफी समझा बुझा कर शांत कराया। फिर सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चला।