सीमांचल को विशेष दर्जा देने की मांग, गृह मंत्री से हस्तक्षेप की अपील
आदिल हसन ने मांग की कि सीमांचल में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाए
नई दिल्ली: एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री से बिहार के सीमांचल क्षेत्र को विशेष दर्जा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से शैक्षणिक, औद्योगिक और बुनियादी विकास के मामले में उपेक्षित रहा है, जिसे अब विशेष पैकेज और ठोस योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है।
आदिल हसन ने मांग की कि सीमांचल में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। साथ ही Aligarh Muslim University के किशनगंज सेंटर के लिए पर्याप्त केंद्रीय फंड उपलब्ध कराया जाए, जिससे वहां शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार हो सके।
उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए अलग से फंड देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सूरजपुरी समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में आरक्षण देने की भी अपील की, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को न्याय मिल सके।
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि सीमांचल हर वर्ष भीषण बाढ़ की समस्या से जूझता है, जिससे जनजीवन और कृषि दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से स्थायी बाढ़ राहत एवं नियंत्रण योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत सरकार सीमांचल के विकास और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।