India-US Trade Deal:'किसान और छोटे उद्योग लाभ में',भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे पर मंत्री पीयूष गोयल का बयान

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, दिल्ली

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अंतिम मुहर भी लग गई है।

India-US interim trade framework safeguards farmers, MSMEs,' says Commerce Minister Piyush Goyal

Piyush Goyal Statement on India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किया गया अंतरिम व्यापार ढांचा भारतीय व्यवसायों के लिए निर्यात के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों के हितों की पूरी तरह से सुरक्षा हो। (India-US interim trade framework safeguards farmers, MSMEs,' says Commerce Minister Piyush Goyal news in hindi) 

शनिवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया कि यह समझौता कृषि और लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाएगा।

गोयल ने कहा, “भारत ने अमेरिका को किसी भी डेयरी उत्पाद, चीनी या बाजरा पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यह समझौता किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्प और हथकरघा के हितों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगा।

पीयूष गोयल ने कुछ राजनीतिक आवाज़ों पर जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इस देश में कुछ लोग किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वे इस बात से हैरान हैं कि भारत-अमेरिका समझौते के तहत कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों को नुकसान पहुँचाने वाला कोई कदम नहीं उठाया गया है।

गोयल के अनुसार, यह अंतरिम व्यापार ढांचा निर्यात वृद्धि और घरेलू सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा, “यह समझौता विभिन्न क्षेत्रों को निर्यात के अवसर प्रदान करता है और साथ ही हमारे कृषि क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षण भी सुनिश्चित करता है। दोनों उद्देश्यों को सफलता के साथ हासिल किया गया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद भी दिया।

उन्होंने कहा कि कई भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा। इनमें रत्न और हीरे, दवा उत्पाद और स्मार्टफोन शामिल हैं, जिन पर पहले की तरह ही 0% शुल्क लागू रहेगा।

उन्होंने आगे बताया कि कई कृषि उत्पादों पर शुल्क 50% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इनमें मसाले, चाय, कॉफी, खोपरा, नारियल और नारियल तेल, वनस्पति तेल, सुपारी, ब्राजील नट्स, काजू, शाहबलूत, साथ ही फल और सब्जियां जैसे एवोकैडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता और मशरूम शामिल हैं। इसके अलावा जौ और कुछ प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ भी इस छूट के अंतर्गत आते हैं।

सुरक्षा उपायों के बारे में मंत्री ने कहा, “हमने इस समझौते में ऐसा कोई भी आइटम शामिल नहीं किया है जिससे किसी भारतीय किसान को नुकसान पहुंचे। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “कोई भी जीएम (आनुवंशिक रूप से संशोधित) उत्पाद भारत में प्रवेश नहीं करेगा।” इसके अलावा मांस, मुर्गी पालन, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, बाजरा, कई फल, दालें, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू पर कोई राहत या छूट नहीं दी जाएगी। 

संसदीय बहस की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पीयूष गोयल ने कहा, “संसद में क्या चर्चा की जानी चाहिए और क्या नहीं, इसका निर्णय संसद अध्यक्ष और नियमावली तय करेंगे। हर मुद्दे पर संसद में बहस संभव नहीं है; कुछ मामलों की जानकारी सीधे देशवासियों तक पहुँचाना आवश्यक होता है।”

गोयल ने बताया कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा की घोषणा की है। इसके तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18% कर दिया जाएगा। दोनों पक्ष इस रूपरेखा के माध्यम से एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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