'MANREGA पर हमला, संविधान-लोकतंत्र पर प्रहार...',राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनरेगा बचाओ मोर्चा अभियान में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधा।
National MGNREGA Workers’ Convention in Delhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने के प्रयासों को लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी जोर दिया कि मनरेगा की बहाली के लिए पूरे देश में एकजुट संघर्ष जरूरी है।
रचनात्मक कांग्रेस के तत्वावधान में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ के राष्ट्रीय संवाद को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा देश से लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ की अवधारणा को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मनरेगा जैसे गरीबों के अधिकारों पर हमला इसी सोच के तहत कर रही है, जैसे कि आजादी से पहले का भारत फिर से बनाने की योजना हो।
कांग्रेस के अनुसार, सम्मेलन में देश के 25 राज्यों से 400 से अधिक मनरेगा श्रमिक और कार्यकर्ता शामिल हुए। भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र की मिट्टी भी साथ लाई, जिसे मिलाकर जवाहर भवन परिसर में एक पौधा लगाया गया। इसे मनरेगा और मजदूरों के संघर्ष का प्रतीक बताया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी उपस्थित रहे।
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को न केवल रोजगार की गारंटी दी, बल्कि सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार भी प्रदान किया। इसकी मूल भावना यह थी कि जरूरतमंद व्यक्ति अधिकार के साथ काम मांग सके और उसे काम मिले। यह योजना पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से जनता की भागीदारी और उनकी आवाज़ को सशक्त बनाती थी, लेकिन मौजूदा सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब केंद्र सरकार यह तय करना चाहती है कि किस राज्य को कितना पैसा मिलेगा, कब और कहां काम होगा, और मजदूरी कितनी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों को अधिक और विपक्ष शासित राज्यों को कम धन देने की नीति अपनाई जा रही है, जिससे मजदूरों के अधिकार छीनकर ठेकेदारों के हाथों में चले जाएंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ साल पहले भाजपा सरकार ने तीन काले कृषि कानून लाकर किसानों पर हमला किया था, लेकिन देशभर के किसानों के संघर्ष के चलते सरकार को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब उसी तरह मजदूरों को निशाना बनाया जा रहा है और मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने भाजपा की विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी चाहती है कि देश की संपत्ति कुछ चुनिंदा अमीरों के हाथों में सिमट जाए और गरीब, दलित और आदिवासी उन्हीं पर निर्भर हो जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अडानी-अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को ताकत सौंपकर गरीबों को पूरी तरह उनके रहमोकरम पर छोड़ना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा मनमाने कानून बनाकर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करना चाहती है और आजादी से पहले के राजा-महाराजाओं जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मनमानी को रोकने का एक ही रास्ता है—देश के सभी लोगों को एकजुट होकर खड़ा होना होगा।
राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मनरेगा जनता का अधिकार है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह लड़ाई गांव बचाने की है, क्योंकि गांव बचेगा तभी देश बचेगा।
कार्यक्रम के बाद कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि मनरेगा को लेकर यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं है, बल्कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह एकजुटता संसद के आगामी बजट सत्र में साफ नजर आएगी।
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