Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में बाहरी वाहनों के लिए एंट्री टैक्स बढ़ा, जानिए नई दरें

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, हिमाचल प्रदेश

नई बैरियर नीति के तहत सामान्य वाहनों से 170 रुपये वसूले जाएंगे।

Himachal increases Entry Tax on non-HP Vehicles by 2.5 times, 1st April Onwards

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर एंट्री फीस बढ़ा दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सरकार ने नई बैरियर नीति के तहत एंट्री टैक्स में लगभग ढाई गुना तक इजाफा किया है। इसका असर उन पर्यटकों और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ेगा, जो अपनी निजी या वाणिज्यिक गाड़ियों से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करते हैं। हालांकि, हिमाचल में पंजीकृत वाहनों को पहले की तरह एंट्री टैक्स से छूट दी जाएगी। (Himachal increases Entry Tax on non-HP Vehicles by 2.5 times, 1st April Onwards news in hindi) 

प्रदेश में कुल 55 एंट्री बैरियर हैं, जिनके माध्यम से बाहरी राज्यों के वाहन हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करते हैं। प्रमुख बैरियर सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले के गरामोड़ा के पास स्थित हैं।

इन सभी बैरियरों पर नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सरकार इन बैरियरों पर फास्टैग सिस्टम लागू करने की भी योजना बना रही है, ताकि शुल्क वसूली में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जा सके।

बैरियरों की नीलामी प्रक्रिया की निगरानी के लिए उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें आबकारी और कराधान विभाग के अधिकारी भी सदस्य होंगे।

क्यों बढ़ाया गया एंट्री टैक्स?

हिमाचल प्रदेश इस समय वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। राजस्व संग्रह में कमी और बढ़ते खर्चों ने सरकार के सामने संसाधन जुटाने की चुनौती खड़ी कर दी है। वेतन, पेंशन और विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार आय बढ़ाने के विकल्प तलाश रही थी।

सरकार का मानना है कि एंट्री टैक्स में बदलाव से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और वित्तीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े वाहनों की संख्या को देखते हुए इसे स्थायी आय का एक भरोसेमंद स्रोत माना जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और हर साल लाखों सैलानी अपनी निजी गाड़ियों से यहां आते हैं। ऐसे में एंट्री फीस में बढ़ोतरी का सीधा असर पर्यटन क्षेत्र पर पड़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि 170 रुपये की राशि बहुत अधिक नहीं है, लेकिन ईंधन और अन्य खर्चों के साथ यह अतिरिक्त बोझ जरूर बनती है। हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस बढ़ोतरी का वास्तविक प्रभाव पर्यटन उद्योग पर कितना पड़ेगा।

किन वाहनों पर कितना बढ़ा शुल्क?

* सामान्य बाहरी वाहनों के लिए एंट्री फीस 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दी गई है।
* 12+1 सवारी क्षमता वाले वाहनों से अब 170 रुपये वसूले जाएंगे, जो पहले 110 रुपये थी।
* हैवी वाहनों का शुल्क 720 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया गया है।
* निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी, जैसे जेसीबी और अन्य भारी उपकरणों पर शुल्क 570 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये किया गया है।
* ट्रैक्टरों का शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है।
* डबल एक्सल बस और ट्रक के लिए 570 रुपये की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकार का कहना है कि नई दरें वाहनों की प्रकृति और उनके उपयोग के आधार पर तय की गई हैं।

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