Punjab News: दलित और मेहनतकश का मजाक उड़ाने पर कांग्रेस के खिलाफ बैंड-बाजा लेकर "आप" का जोरदार प्रदर्शन
पंजाब की जनता के साथ "आप" नेताओं ने प्रताप सिंह बाजवा का घर घेरा
Punjab News: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों,विधायकों, चेयरमैन व कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग द्वारा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में बाजवा के आवास के बाहर 'बैंड-बाजे' के साथ प्रदर्शन किया।
इस दौरान मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, उनकी पत्नी सुरेंदर कौर के साथ वित्त मंत्री हरपाल चीमा, सेहत मंत्री डॉ बलबीर, मोहिंदर भगत, डॉ रवजोत, विधायक शैरी कलसी, कुलजीत रंधावा, इंद्रवीर सिंह निज्जर, नीना मित्तल, लाभ सिंह उगोके, चेतन जोड़ेमाजरा, इंदरजीत कौर,चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट,सनी सिंह अहलूवालिया समेत सैकड़ों नेता व वर्कर मौजूद थे।
इसके इलावा आप नेता जोबन रंधावा के नेतृत्व में कादियां (गुरदासपुर) में भी प्रताप बाजवा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
बाजवा को निशाना साधते हुए कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि मेहनत की कमाई का मजाक उड़ाना शर्मनाक है। किसी के पिता द्वारा ईमानदारी से किए गए काम का मजाक उड़ाना और पूरी कम्युनिटी को नीचा दिखाना, इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि मेरे पिता एक 'बैंड मास्टर' थे, उन्होंने कड़ी मेहनत से हमें पढ़ाया। मैं सरकारी स्कूल में पढ़कर और अपनी काबिलियत के दम पर यहाँ पहुँचा हूँ। बाजवा साहब कह रहे हैं कि 'बैंड बजाने वाले के बेटे का बैंड बजा देंगे'। हमने मेहनत की है, कोई स्मगलिंग या सोने के बिस्कुट की तस्करी नहीं की। यह अपमान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि हर उस गरीब वर्ग का है जो पसीने की कमाई से अपने बच्चों को पढ़ाता है।
कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बाजवा की नजर में दलित समाज सिर्फ एक 'मटेरियल' है जिसे वोटो के लिए खरीदा और बेचा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि इन्होंने विधानसभा में कहा कि 'पता नहीं यह मटेरियल कहाँ से आ गया'। इनके लिए एक मोबाइल रिपेयर करने वाला या एक गरीब का बच्चा विधायक नहीं बन सकता। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में सबको बराबरी दी है, लेकिन कांग्रेस की सामंतवादी सोच आज भी वही है। राजा वड़िंग और बाजवा जैसे लोग खुद को राजा समझते हैं और इन्हें यह हजम नहीं हो रहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट में 6 दलित मंत्री आम घरों से उठकर शानदार काम कर रहे हैं।
राजा वड़िंग पर निशाना साधते हुए ईटीओ ने कहा की एक तरफ ये लोग लॉ एंड ऑर्डर की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक रैली में 1200 लोगों के सामने खुलेआम कह रहे हैं कि 'ईटीओ की गर्दन मरोड़ दो, सिर्फ 3 मिनट लगते हैं'। क्या यह जंगल राज नहीं है? आप अपने वर्करों को एक चुने हुए नुमाइंदे पर हमला करने के लिए उकसा रहे हैं ताकि कोई गरीब का बच्चा दोबारा राजनीति में आने की हिम्मत न करे। हम इस गुंडागर्दी और चुनौती को स्वीकार करते हैं।
अपनी शिक्षा के संघर्ष को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि पिता की मृत्यु के एक महीने बाद ही उन्होंने कड़ी मेहनत कर परीक्षा पास की ताकि उनके पिता का सपना पूरा हो सके।
उन्होंने कहा, "मैं आज भी पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा हूँ। मेरे हलके में 163 सरकारी स्कूल हैं और मेरी कोशिश है कि हर घर से एक 'ईटीओ' पैदा हो। हमने शिक्षा क्रांति इसलिए शुरू की ताकि गरीब और अमीर के बच्चे के बीच का फर्क खत्म हो सके। कांग्रेस इसी बात से डरी हुई है कि अगर गरीब का बच्चा पढ़ गया तो इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।"
मंत्री ईटीओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन बाजवा साहब घर छोड़कर भाग गए । वे जहां भी भागेंगे, हमारे लोग वहां उनका घेराव करेंगे। इनकी रैलियों में लोग तड़प कर मर जाते हैं और ये भाषण देना बंद नहीं करते। अगर प्रताप सिंह बाजवा ने तुरंत माफी नहीं मांगी, तो हम उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे। 2027 में पंजाब की जनता इस अहंकारी मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।
बाजवा ने हमारे पैतृक काम पर भद्दी टिप्पणी की, कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता: सुरिंदर कौर
मंत्री हरभजन ईटीओ की पत्नी सुरिंदर कौर ने कहा कि बाजवा ने हमारे पैतृक काम पर भद्दी टिप्पणी की है। बाजा बजाने वाला कहकर इस काम को नकारा है। कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता। कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग ने भी बहुत भड़काऊ बयान दिया। ईटीओ की तीन मिनट में धौंण मरोड़ दो। उन्होंने कहा कि एक तरफ वड़िंग सामने बैठे 1000-1500 लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं और दूसरी तरफ ये कहते हैं कि पंजाब में जंगल राज है लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बहुत खराब है।
'आप' ने राजनीति से परिवारवाद को खत्म कर आम घरों के युवाओं को दी पहचान: हरपाल सिंह चीमा
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसी पार्टियों ने हमेशा 'परिवारवाद' को बढ़ावा दिया है। इन दलों में कुछ गिने-चुने परिवारों का ही राज रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने इस धारणा को तोड़कर आम घरों के शिक्षित युवाओं को विधानसभा और कैबिनेट तक पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि 'आप' के विरोध का मकसद उन लोगों की सोच को पूरी दुनिया के सामने लाना था जो उन ऊंचे महलों के अंदर दलितों से नफरत करते हैं।
चीमा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की दूरदर्शी सोच के कारण देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। दिल्ली के बाद पंजाब के लोगों ने भी इस क्रांति को अपनाया। 2017 में पहली बार पंजाब विधानसभा में डॉक्टर, वकील, प्रोफेसर और पूर्व सैन्य अधिकारियों जैसे आम पृष्ठभूमि वाले लोग पहुँचे। 2022 में पंजाब की जनता ने इस काफिले को 92 सीटों तक पहुँचाकर स्पष्ट कर दिया कि वे अब वंशवाद की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और राजा वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि इन नेताओं को आम घरों के बच्चों की तरक्की हजम नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता जातिगत टिप्पणियां और रंग-भेद की राजनीति कर रहे हैं। चीमा ने कहा की यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उच्च शिक्षित और पीसीएस परीक्षा पास करने वाले हमारे मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ की योग्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस की मानसिकता आज भी वही है कि एक गरीब का बेटा आगे न बढ़े।
चीमा ने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए 'समानता के अधिकार' के कारण ही आज एक रिक्शा चालक का बेटा आईएएस बन रहा है और आम घरों के युवा पंजाब कैबिनेट का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आज पंजाब कैबिनेट में 6 मंत्री दलित वर्ग से हैं, जो पंजाब के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2027 में पंजाब की जनता इन अहंकारी और परिवारवादी पार्टियों को एक बार फिर करारा सबक सिखाएगी।
कांग्रेसियों की दलित विरोधी मानसिक्ता सबके सामने आ गई है: डॉ बलबीर
सेहत मंत्री डॉ. बलबीर ने कहा कि कांग्रेसियों की नफरत सबके सामने आ गई है। प्रताप सिंह बाजवा के बयान पर डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस मेहनत करने वालों को कुछ नहीं समझती और उनका मजाक उड़ाती है। उनके बयान छोटे लोगों के प्रति उनकी घटिया मानसिकता और नफरत को दर्शाते हैं।
बाजवा के अपमानजनक शब्द केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पंजाब के पूरे दलित और मेहनतकश वर्ग का अपमान है: विधायक इंदरजीत कौर
विधायक इंदरजीत कौर ने भी कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष की 'दलित विरोधी' मानसिकता अब पूरी तरह उजागर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ बोले गए अपमानजनक शब्द केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पंजाब के उस पूरे दलित और मेहनतकश वर्ग का अपमान है।
उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग द्वारा ईटीओ के खिलाफ की गई हिंसक टिप्पणी को गंभीर बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की और स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी साधारण घरों के लोगों की पार्टी है, जबकि कांग्रेस भ्रष्टाचार और अहंकार में डूबी हुई है।
विधायक ने चेतावनी दी कि अगर विपक्षी नेताओं ने अपनी जुबान और सोच को लगाम नहीं दी, तो पंजाब की जनता आगामी चुनावों में उन्हें गांवों में घुसने नहीं देगी और 2027 में सभी 117 सीटों पर जीत दर्ज कर उनके राजनीतिक अहंकार को पूरी तरह खत्म कर देगी।
कांग्रेस की 'दलित विरोधी' और 'परिवारवादी' मानसिकता को पंजाब की जनता 2027 में सिखाएगी सबक: शैरी कलसी
विधायक अमनशेर सिंह (शैरी कलसी) ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल जैसे पुराने राजनैतिक घराने आम घरों के बच्चों की तरक्की और उनका राजनीति में आना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के मन में यह अहंकार भरा है कि सत्ता केवल उनके परिवारों तक सीमित रहनी चाहिए, इसीलिए वे कभी कैबिनेट मंत्रियों को 'मटेरियल' कहते हैं तो कभी हिंसक बयानबाजी करते हैं। । उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि जो नेता 2027 में वापसी का भ्रम पाले हुए हैं, उन्हें पंजाब की जनता बड़ी हार का स्वाद चखाएगी।
प्रदर्शन के दौरान प्रताप बाजवा के घर का घेराव करने जा रहे आप नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई तथा देखते ही देखते उग्र हो गई। आप नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जिसमे कई नेता व वर्कर घायल हो गए। पुलिस ने कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।
(For more news apart from AAP stages massive protest against Congress for mocking Dalits and the working class news in hindi,stay tuned to Rozanaspokesman Hindi)