फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद परगट सिंह का आतिशी पर तीखा हमला, बोला-सिख समुदाय से बिना शर्त माफी मांगें
दिल्ली विधासनभा से रद्द हो आतिशी की सदस्यता, एलओसी पद से भी हटाकर हो कानूनी कार्रवाई
दिल्ली विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से तुरंत सिख समुदाय से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह साफ है कि आतिशी ने सिख गुरुओँ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। गुरुओं का अपमान किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता है।
इस मामले की सच्चाई सामने आने के बाद आतिशी की तुरंत विधानसभा से सदस्यता रद्द कर, उन्हें नेता विपक्ष के पद से हटाया जाना चाहिए। आतिशी पर इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
परगट सिंह ने कहा कि अब इस मामले में किसी भी तरह के इनकार या ध्यान भटकाने की कोई गुंजाइश नहीं है। आतिशी को तुरंत बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। इससे कम कोई भी कदम सिख भावनाओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही का अपमान होगा। आतिशी को पहले ही इस मामले में पंजाब के लोगों से गुरुओँ का अपमान करने पर माफी मांग लेनी चाहिए थी, लेकिन उसने इतने दिनों में ऐसा कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी इस मामले को गलत रंग देने की कोशिश की। जबकि इस मामले में उनको सिख भावनाओं का आदर करते हुए फैसला लेना चाहिए था। लेकिन आप सरकार ने दिल्ली विधानसभा की तरफ से बिना फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किए राजनीतिक पार्टियों के नेताओं पर पर्चा दर्ज कर दिया। अब इस वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने की बात भी गलत साबित हुई है।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने कई मामले ऐसे थे जिसमें फोरेंसिक जांच की जरूरत थी, उनमें कोई जांच नहीं करवाई। लेकिन इस मामले में आतिशी को बचाने के लिए सरकार जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।