गोलियां ही गोलियां, हत्या ही हत्या, क्या हो रहा पंजाब में, कहां है कानून व्यवस्था : परगट सिंह

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, पंजाब

तरनतारन में आप सरपंच की हत्या में ऑटोमैटिक हथियारों के इस्तेमाल पर जताई चिंता

Pargat Singh
  • परगट ने कहा- सीएम साहिब! आप ही बताएं- जान बचाने को कहां जाकर छिपें पंजाब के लोग 
  • कार्यकारी डीजीपी से पूछा- आखिर कब रूकेगा खूनखराब, कब मिलेगा लोगों को इंसाफ

चंडीगढ़ : पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने कहा कि तरनतारन में एक बार फिर से शादी समारोह में आम आदमी पार्टी के एक और सरपंच की गोलियां मार कर हत्या कर देना पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के मुंह पर तमाचा है। गोलियां ही गोलियां, हत्याएं ही हत्याएं। आखिर यह पंजाब में हो क्या रहा है, कानून व्यवस्था कहां रह गई है। 

बेखौफ और बुलंद हौंसलों के साथ गैंगस्टर और हत्यारे शरेआम हत्याएं कर रहे हैं और सरकार व पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। हालात इस कद्र बेकाबू हो चुके हैं कि अब शादी-समारोह तो क्या घरों में भी सुरक्षित नहीं रहे। कार्यकारी डीजीपी से पूछना चाहता हूं कि आखिर यह खूनखराब कब रुकेगा और पंजाब के लोगों को इंसाफ कब मिलेगा। सीएम भगवंत मान बताएं कि लोग अपनी जानें बचाने को कहां जाकर छिपें।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के डीजीपी कानून व्यवस्था को संभालने की बजाए राजनीतिक रैलियों में जाकर भाषण दे रहे हैं। दूसरी तरफ गैंगस्टर चुनकर नेताओं को गोलियां का शिकार बना रहे हैं। सरकार ने आप्रेशन ‘प्रहार’ के नाम पर गैंगस्टरों को खत्म करने का जो बीड़ा उठाया है, लेकिन यह सिर्फ कागजों और सोशल मीडिया पर ही सिमटता दिखाई दे रहा है। 

सरकार दावा कर रही है कि 12000 पुलिस मुलाजिमों की 2000 टीमें गैंगस्टरों के खिलाफ काम कर रही हैं, लेकिन इसी बीच लगातार कत्लो-आम की घटनाएं होती जा रही हैं। संगरूर में तो घर में घुसकर युवक की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई है, जबकि यह सीएम का अपना इलाका है। आखिर ये पुलिस की फौज है कहां? उनके अपने इलाके के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब के बाकी हिस्सों में क्या हालात होंगे।

घटनास्थल पर लोगों के मुताबिक तरनतारन में शादी समारोह में आप पार्टी के सरपंच की हत्या में ऑटोमैटिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। आखिर गैंगस्टर और हत्यारों के पास प्रतिबंधित विदेशी और देसी हथियारों का इस्तेमाल धल्ले से कैसे हो रहा है? आखिर इनके पास यह हथियार कहां से आ रहे हैं? यह भी गंभीर चिंता का विषय है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। पहले भी आम आदमी पार्टी के सरपंच की शादी समारोह में सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।

उन्होंन कहा कि सीएम मान भी बतौर गृहमंत्री बुरी तरह फेल साबित हुए हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार को ठोस कदम उठाने की तरफ ध्यान देना चाहिए। सिर्फ नारेबाजी और पोस्टरबाजी से सरकार चलाना बंद करना होगा। बल्कि सही मायने में एक्शन करके दिखाना होगा। ताकि पंजाब के लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।