Uttar Pradesh: यौन शोषण केस में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- 'गिरफ्तारी का नहीं करूंगा विरोध'

Rozanaspokesman

राष्ट्रीय, उत्तरप्रदेश

शंकराचार्य ने कहा कि जनता, स्वयं का हृदय और ईश्वर तीनों ही अदालतों से उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है इसलिए उन्हें कोई भय नहीं है।

Special POCSO Court Orders FIR Against Swami Avimukteshwaranand Saraswati

Uttar Pradesh: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला कोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज हुआ, जिसमें पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। (Special POCSO Court Orders FIR Against Swami Avimukteshwaranand Saraswati news in hindi) 

एफआईआर के अनुसार, कथित घटनाएं 13 जनवरी 2025 से 15 फरवरी 2026 के बीच की बताई गई हैं। शिकायत में आरोप है कि शंकराचार्य और उनके शिष्य ने दो शिष्यों के साथ यौन शोषण किया, जिनमें से एक नाबालिग बताया गया है। शिकायतकर्ता के रूप में आशुतोष ब्रह्मचारी का नाम सामने आया है। उनका कहना है कि पीड़ित लंबे समय से शोषण का सामना कर रहे थे, लेकिन भय और दबाव के कारण सामने नहीं आ पा रहे थे।

इस मामले में शंकराचार्य, उनके एक शिष्य और दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अदालत के आदेश पर शनिवार देर रात किशोरवय लड़कों के यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें जनता, अपने अंत:करण और ईश्वर की अदालत से पहले ही “क्लीन चिट” मिल चुकी है, इसलिए उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं है।

वारानसी में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि पुलिस इस मामले में उन्हें गिरफ्तार करती है तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे, क्योंकि उनका मानना है कि जो आरोप झूठे हैं, वे अंततः गलत साबित हो जाएंगे।

शंकराचार्य ने कहा कि उनके लिए तीन अदालतें है। उन्होंने कहा, "पहली अदालत जनता है जो सब देख रही है और वह अपना निर्णय देने वाली है। दूसरा न्यायालय मेरा हृदय है, हम जान रहे हैं कि हम गलत नहीं हैं। तीसरा और सर्वोच्च न्यायालय ईश्वर है। वह सब जानता है कि कौन गलत है और कौन सही। तीनों ही अदालतों से मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है, इसलिए मुझे अब किसी का भय नहीं है।"     

शंकराचार्य ने कहा कि जो झूठ है वह अंत में सामने आ ही जाता है। उन्होंने कहा, "मेरे विरुद्ध जो कहानी गढ़ी गई है उसका सच आज नहीं तो कल, सबके सामने आ ही जाएगा।"   

शंकराचार्य स्वामी ने कहा, “आप लोग सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर देखिए कि मैं उस समय कहां था। यह भी कहा जा रहा है कि हमारे गुरुकुल में यह सब हुआ, जबकि वे लड़के कभी हमारे गुरुकुल में पढ़े ही नहीं। उन्होंने वहां प्रवेश तक नहीं लिया। उनके परीक्षा अंकपत्र से स्पष्ट है कि वे हरदोई के एक विद्यालय के छात्र हैं।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूरे प्रकरण को एक बड़ी साजिश बताया और कहा कि यह उन्हें बदनाम करने तथा उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी प्रस्तावित यात्रा और गौ-रक्षा से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता के कारण कुछ लोग असहज हैं। उनके अनुसार, उन्हें रोकने के लिए झूठे मुकदमे गढ़े जा रहे हैं, लेकिन अंततः सच सामने आएगा।

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