अब बिहार का गुड़ बनेगा ‘प्रीमियम’: पूसा गन्ना अनुसंधान केंद्र बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ₹5.69 करोड़ स्वीकृत

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प्रथम वर्ष के लिए एक करोड़ 31 लाख 95 हजार रुपये जारी, आधुनिक प्रोसेसिंग, पैकेजिंग-स्टोरेज टेक्नोलॉजी विकसित होगी

गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार

पटना : बिहार में उच्च गुणवत्ता वाले गुड़ का उत्पाद सुनिश्चित करने के लिए गन्ना अनुसंधान संस्थान पूसा को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 5 करोड़ 69 लाख 65 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। प्रथम वर्ष के लिए केंद्र सरकार ने राशि भी जारी कर दिया है।

गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार ने बताया कि गुड़ उत्पादन के क्षेत्र में बिहार को देश के अन्य राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं । इसी के तहत राज्य सरकार ने गन्ना अनुसंधान संस्थान पूसा को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम वर्ष के लिए 1 करोड़ 31 लाख 95 हजार रुपये जारी किया है । ताकि कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ जुड़कर गन्ने की किस्मों, फसल प्रबंधन और मूल्य संवर्द्धन पर निरंतर अनुसंधान किया जा सके ।
       
इस योजना के बारे में एसीएस श्री के. सेंथिल कुमार ने बताया कि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के माध्यम से बिहार में उच्च गुणवत्ता वाले गुड़ का उत्पादन करने के लिए कार्य किए जाएंगे । जिसमें गन्ना और मूल्यवर्धित गुड़ उत्पादों के लिए प्रभावी लागत, ऊर्जा कुशल, आधुनिक प्रसंस्करण, गुड़ की बेहतर पैकेजिंग और उसके भंडारण के लिए प्रोद्योगियों का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले आकर्षण गुड़ का उत्पाद सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि खराब गुणवत्ता वाले गुड़ जिसकी वर्तमान में बाजार में कम कीमत मिलती हो उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गुड़ उद्योगों के संवर्धन के माध्यम से बिहार में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य के उद्यमियों और गन्ना किसानों की आय में वृद्धि होगी ।