SDF vs TRAP Rates Profit: बैंकों ने एसडीएफ-ट्रेप दर के अंतर से कमाए 0.70% तक के लाभ
बैंकों को आरबीआई की एसडीएफ दर और ट्रेप दर के बीच के अंतर से उत्पन्न ‘आर्बिट्रेज’ के अवसर से 0.70 प्रतिशत तक का लाभ हो रहा है।
SDF vs TRAP Rates Profit: नकदी की स्थिति मजबूत बैंकों ने ट्राई-पार्टी रेपो (ट्रेप) बाजार में कम दर पर कोष जुटाया और अधिक रिटर्न के लिए इसे भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) में लगाया। यह जानकारी डीलरों ने मंगलवार को दी।
उन्होंने बताया कि बैंकों को आरबीआई की एसडीएफ दर और ट्रेप दर के बीच के अंतर से उत्पन्न ‘आर्बिट्रेज’ के अवसर से 0.70 प्रतिशत तक का लाभ हो रहा है।
ट्राई-पार्टी रेपो (ट्रेप) बाजार एक ऐसा खंड है, जहां बैंक और म्यूचुअल फंड गारंटी जमा कर धन उधार देने और लेने का काम करते हैं। इसमें खासकर म्यूचुअल फंड कंपनियां उधार देने के मामले में अधिक सक्रिय रहती हैं।
ट्रेप बाजार में ब्याज दरें नकदी की स्थिति, मांग, नियामकीय आवश्यकताएँ और कुल बाजार की धारणा से प्रभावित होती हैं। इसके विपरीत, एसडीएफ की दरें स्थिर रहती हैं और केवल तभी बदलती हैं जब केंद्रीय बैंक रेपो दर में कटौती या बढ़ोतरी करता है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, ट्रेप और एसडीएफ दरों के बीच का अंतर हाल के दिनों में लगातार बढ़ा है। यह 30 जनवरी को 0.33 प्रतिशत था, जो दो फरवरी को 0.43 प्रतिशत, तीन फरवरी को 0.60 प्रतिशत और चार फरवरी को 0.76 प्रतिशत तक पहुंच गया। पांच फरवरी को यह अंतर 0.70 प्रतिशत था, जबकि छह फरवरी को घटकर 0.40 प्रतिशत रह गया और सोमवार को फिर से बढ़कर 0.63 प्रतिशत हो गया।
बाजार भागीदारों के अनुसार, दोनों दरों के बीच बढ़ते इस अंतर ने लघु अवधि में इस रणनीति को विशेष रूप से उन बैंकों के लिए आकर्षक बना दिया है जिनके पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध है।
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