Ladakh Violence पर केंद्र सरकार का बयान; सोनम वांगचुक के भड़काऊ बयानों ने भड़काई हिंसा, 4 लोगों की मौत,80 से ज्यादा घायल
कई नेताओं ने वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने हड़ताल जारी रखी: मंत्रालय
Ladakh Violence News: केंद्र सरकार ने लद्दाख में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक के भड़काऊ बयानों ने भीड़ को उकसाया, जिससे हिंसा भड़क उठी। हालांकि वांगचुक ने हिंसा के बाद अपना उपवास तोड़ दिया, लेकिन वे हालात काबू करने के बजाय एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोग घायल हो गए।
मंत्रालय ने कहा- कई नेताओं ने वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने हड़ताल जारी रखी। उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली और नेपाल में जेन-जी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करके लोगों को गुमराह किया।'
दरअसल, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर वांगचुक ने 10 सिंतबर से भूख हड़ताल शुरू की थी। बुधवार को छात्रों और स्थानीय लोगों ने लेह में उनकी पिछले मांगें पूरी नहीं करने के विरोध में केंद्र के खिलाफ बंद बुलाया था। इसी दौरान हिंसा हुई।
लद्दाख में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय और सीआरपीएफ की गाड़ी में आग लगा दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प हुई। इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें लगभग 30 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रदर्शनकारी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। सोनम वांगचुक नामक एक सामाजिक कार्यकर्ता के समर्थन में ये प्रदर्शन हो रहे थे, जो 15 दिनों से भूख हड़ताल पर थे।
लेह में 36 साल बाद हिंसा हुई
लद्दाख में हिंसा की घटना 36 साल के बाद हुई है। इससे पहले 27 अगस्त 1989 को लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस गोलीबारी में तीन नागरिक मारे गए थे।
इधर, ताजा हिंसा के बाद प्रशासन ने शांति बहाल करने के लिए लेह में ITBP, पुलिस और CRPF के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। लेह और उसके आस-पास के इलाकों में विरोध-प्रदर्शन या हिंसा को रोकने के लिए लगातार दूसरे दिन भी सभी सड़कें सील कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने लद्दाख हिंसा के पीछे विदेशी कनेक्शन की भी आशंका जताई है। खुफिया एजेंसियां उन कनेक्शन की जांच कर रही हैं, जिससे हिंसा को बढ़ावा मिला हो। सोनम वांगचुक भी जांच के घेरे में आ गए हैं।"
दरअसल, वांगचुक इस साल फरवरी में पाकिस्तान गए थे। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो कह रहे हैं- मैं पाकिस्तान के इस्लामाबाद हूं। यहां क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आया हूं। इसे पाकिस्तान की डॉन मीडिया ने आयोजित किया है।
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