कहा- अमित शाह में संसद में आकर जवाब देने का साहस नहीं
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में हाल में हुए आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कुछ युवाओं से मुलाकात की और आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं।
गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री में यह बुनियादी शिष्टाचार और साहस नहीं है कि 20 जुलाई को छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के मामले पर संसद में पहुंचकर जवाब दें। मुंबई की रिया अहीर, उत्तर प्रदेश की फरहा नाज, झारखंड की नूतन टप्पो तथा कुछ अन्य युवाओं से राहुल ने मुलाकात की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, इस हिंसा के लिए जिम्मेदार व्यक्ति केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं, जिन्होंने छात्रों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया। उनमें यह बुनियादी शिष्टाचार और साहस भी नहीं है कि संसद में आकर इस पर बात रखें।
उन्होंने कहा, इस मामले में दो ही संभावनाएं हो सकती हैं। पहली, उन्हें (शाह) यह जानकारी नहीं थी कि बच्चों के खिलाफ हिंसा हुई है। ऐसी स्थिति में वह अक्षम हैं। दूसरी, यदि उन्होंने बच्चों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया, तो ऐसी स्थिति में वह दोषी हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि दोनों ही स्थितियों में गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। कांग्रेस नेता कहा, मैं हजारों नौजवानों का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने संविधान, शिक्षा व्यवस्था और भारत के भविष्य के लिए संघर्ष किया।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं ने साहस का परिचय दिया है और देश को ऐसे ही नौजवानों की जरूरत है। उन्होंने कहा, ऐसे हजारों-हजार युवा हैं और हमें उन पर गर्व है। हालिया आंदोलन में शामिल रहे कई युवाओं ने राहुल गांधी से अपने अनुभव साझा किए।