पहला विस्फोट जालंधर में बीएसएफ के मुख्यालय के बाहर रात करीब आठ बजे हुआ, दूसरा धमाका अमृतसर में रात करीब 11 बजे हुआ
चंडीगढ़। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि अमृतसर के खासा में सेना छावनी की चाहरदीवारी के पास हुआ विस्फोट कम तीव्रता वाला था। पुलिस ने बताया कि विस्फोट मंगलवार रात को हुआ। इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने बताया कि किसी भी समूह ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि चूंकि आज ऑपरेशन सिंदूर का एक वर्ष पूरा हुआ है, इसलिए यह पंजाब में अशांति फैलाने की पाकिस्तान की आईएसआई की साजिश का हिस्सा है। पंजाब राष्ट्र की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ परोक्ष युद्ध लड़ रहा है।
मंगलवार रात को सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए दो सिलसिलेवार विस्फोटों ने पंजाब को दहला दिया, जिससे दहशत फैल गई और विपक्षी दलों ने इसकी निंदा करते हुए इसे राज्य को "अस्थिर" करने का प्रयास बताया। पहला विस्फोट जालंधर में सीमा सुरक्षा बल के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर रात करीब आठ बजे हुआ, जबकि दूसरा धमाका अमृतसर में रात करीब 11 बजे हुआ। दोनों घटनाओं की जांच जारी है।
सेना के अधिकारियों और पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद, डीजीपी यादव ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा संबंधी आम चिंताओं की समीक्षा की गई और निर्देश जारी किए गए। उन्होंने बताया कि अमृतसर पुलिस आयुक्त कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई। डीजीपी के अनुसार, विस्फोट की सटीक प्रकृति और उसमें इस्तेमाल किए गए उपकरण का पता फॉरेंसिक जांच के बाद ही चलेगा।
अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) सहित पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विस्फोट स्थल पहुंचे। पंजाब पुलिस और बीएसएफ के बम निरोधक दस्ते ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर क्षेत्र को सुरक्षित किया और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए नमूने एकत्र किए। डीजीपी ने बताया कि संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सेना तथा अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है।
अमृतसर (ग्रामीण) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुहैल मीर कासिम ने कहा, हमें रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि खासा में एक सड़क पर तेज आवाज सुनाई दी है, इसके बाद हमारी टीम तुरंत वहां पहुंचीं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और विश्लेषण से पता चला है कि कोई व्यक्ति यहां आया और उसने चाहरदीवारी की ओर कुछ फेंका जिससे विस्फोट हो गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के परिणामस्वरूप चाहरदीवारी पर लगी टिन की चादर का एक टुकड़ा गिर गया।