पीएम मोदी के तीन देशों के दौरे का पहला चरण है जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड भी शामिल हैं
जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की कि भारत और इंडोनेशिया ने मंगलवार को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में समझौते किए हैं। इनमें दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बैंगलोर का विदेशी परिसर खोलने के लिए भी एक समझौता शामिल है। मोदी सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यह उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण है जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड भी शामिल हैं।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य देते हुए मोदी ने कहा, हम इंडोनेशिया में प्रतिष्ठित आईआईएम बैंगलोर का विदेशी परिसर स्थापित करने जा रहे हैं। इससे पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को बहुत फायदा होगा। आईआईएम बैंगलोर का परिसर इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। आईआईएम अहमदाबाद भारत के बाहर परिसर खोलने वाला पहला प्रतिष्ठित प्रबंध संस्थान था। इसे पिछले साल दुबई में शुरू किया गया था।
स्वास्थ्य क्षेत्र में, भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी ऑफ ड्रग एंड फूड कंट्रोल ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद मेडिकल उत्पादों के नियमन में सहयोग करना, वैश्विक नियामक मानकों पर जानकारी का आदान-प्रदान करना और इंडोनेशिया में भारतीय मेडिकल उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाना है।
मोदी ने कहा, स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारा सहयोग हमारे दोनों देशों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आज हुआ समझौता इंडोनेशिया के लोगों के लिए भारत की उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती दवाओं तक पहुंच को आसान बनाएगा। दोनों देशों ने स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग पर एक कार्यान्वयन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए फेलोशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा और योग्य स्वास्थ्य कर्मियों की आवाजाही आसान होगी।
मोदी ने कहा, हम इंडोनेशिया के चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों की क्षमता निर्माण में भी योगदान देंगे। ये समझौते मोदी की यात्रा के दौरान किए गए लगभग एक दर्जन समझौतों का हिस्सा हैं, जिनमें रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और समुद्री सुरक्षा सहयोग से जुड़े समझौते भी शामिल हैं।