पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सौंपे
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक प्रतिनिधिमंडल और भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के बीच बुधवार को हुई बैठक तनावपूर्ण माहौल में समाप्त हुई। टीएमसी ने आरोप लगाया कि सात मिनट की बैठक के अंत में आयोग के प्रमुख ने उनसे यहां से चले जाइए कहा, जबकि आयोग ने टीएमसी नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया।
बैठक के बाद टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सौंपे और उन्हें चुनाव अधिकारियों के भाजपा से जुड़े होने के विशेष मामलों से भी अवगत कराया।
ओ'ब्रायन ने कहा, फिर उन्होंने कहा, ‘यहां से चले जाइए’। हमने निर्वाचन आयोग के साथ आठ-नौ बैठकें की हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अलावा अन्य किसी चुनाव आयुक्त ने कुछ नहीं कहा।
उन्होंने कहा, “जब हम बाहर निकल रहे थे, तब मेरे एक सहयोगी ने ज्ञानेश कुमार को बधाई दी कि वह एकमात्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं जिन्हें पद से हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिए गए। वहीं, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने कहा कि आयोग के प्रमुख ने टीएमसी नेताओं से सीधी बात की। सूत्रों ने ओ'ब्रायन पर चुनाव आयुक्तों पर चिल्लाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से बात न करने को कहा। निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव भयमुक्त, हिंसामुक्त, धमकीमुक्त और प्रलोभनमुक्त होंगे।