इंडोनेशिया यात्रा पर पीएम ने 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए
जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया की तीन दिन की यात्रा पूरी करके ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अहम खनिजों, समुद्री सुरक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यात्रा के दौरान, मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। राष्ट्रपति स्वयं उन्हें हवाई अड्डे पर विदा करने के लिए आए थे।
दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए गहरी द्विपक्षीय साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें महत्वपूर्ण खनिज और इस्पात की आपूर्ति शृंखलाएं, समुद्री सुरक्षा, दवाएं, शिक्षा, अंतरिक्ष, अनुसंधान और नवाचार, दूरसंचार तथा खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच संबंध और मजबूत होंगे।
एक और अहम कदम के तौर पर, भारत और इंडोनेशिया रणनीतिक रूप से अहम सबांग पत्तन को संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमत हुए। यह पोर्ट मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से लगभग 100 मील दूर है।
मोदी सोमवार को जकार्ता पहुंचे थे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यह उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण था। इसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं। मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर 8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न की यात्रा करेंगे।
उन्होंने प्रस्थान के समय अपने बयान में कहा, मेरी यात्रा हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी, और प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ बातचीत में मैं रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा और आवाजाही तथा लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में हमारे रिश्तों को आगे बढ़ाऊंगा। मोदी ने कहा कि मेलबर्न में वह भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे, जो इस रणनीतिक साझेदारी का एक अहम स्तंभ है।