Oil and Gas Crisis: केंद्र सरकार ने ESMA के तहत आपातकालीन नियम लागू किए
Published : Mar 10, 2026, 12:38 pm IST
Updated : Mar 10, 2026, 12:38 pm IST
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Central government invokes emergency regulations under ESMA
Central government invokes emergency regulations under ESMA

गैस सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम लागू कर दिया है।

Oil and Gas Crisis: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में बने हालात का असर भारत में तेल और गैस की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। देश में गैस की भारी कमी देखी जा रही है, जिसके चलते सरकार ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं। घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस अभी उपलब्ध है, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है। गैस सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है।

सरकार ने घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) भी लागू किया है। साथ ही रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने तथा प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्रोतों को एलपीजी पूल में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है ESMA?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) एक ऐसा कानून है, जिसे कुछ महत्वपूर्ण सेवाओं की लगातार और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ये सेवाएं आम जनता के सामान्य जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं, और इनके बाधित होने का असर सीधे लोगों पर पड़ता है। इसमें सार्वजनिक परिवहन (जैसे बस सेवाएं), स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर और अस्पताल) जैसी सेवाएं शामिल हैं।

तेल रिफाइनरियों को ESMA के तहत निर्देश

सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए ESMA के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण संभावित व्यवधानों से निपटते हुए घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की एलपीजी खपत 3.13 करोड़ टन थी, जिसमें केवल 1.28 करोड़ टन का उत्पादन देश में किया गया था और शेष आवश्यकता के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ा।

सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) के प्रावधान लागू करते हुए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता और वितरण के लिए प्राथमिकताएं तय की हैं। पहली प्राथमिकता पाइपलाइन के माध्यम से मिलने वाली घरेलू प्राकृतिक गैस (PNG) और वाहनों के लिए सीएनजी को दी गई है, जिन्हें 100% गैस उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। दूसरी प्राथमिकता उर्वरक (fertilizer) उत्पादन करने वाली प्लांटों को दी गई है, जिन्हें पिछले छह महीनों की औसत जरूरत के 70% गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से गैस और तेल संकट

भारत का 85-90% तेल आयात सऊदी अरब और अन्य देशों से होता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। ईरान और अमेरिका‑इजरायल के बीच पिछले 11 दिनों से जारी संघर्ष के कारण यह समुद्री मार्ग बंद हो गया है। भारत में पर्याप्त तेलशोधन क्षमता होने के बावजूद एलपीजी उत्पादन में कमी को देखते हुए सरकार ने रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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