नाव चलाने वाले पर आरोप, उसने नाव में बैठाने से पहले किसी को नहीं दी लाइफ जैकेट
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना नदी में नाव पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इस मामले में नाव चालने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दुर्घटना वाली नौका खेह रहे मल्लाह पप्पू निषाद और पीपा पुल की मरम्मत का कार्य करने वाले ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुलिस ने मांट थाने में नाविक पप्पू और पीपा पुल (पोंटून पुल) के ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ शुक्रवार शाम मामला दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग के त्वरित प्रतिक्रिया दल के प्रभारी भूदेव प्रसाद ने बताया कि एक शव दुर्घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर देवराहा बाबा घाट के पास से बरामद किया गया और मृतक की पहचान लुधियाना निवासी माणिक टंडन (42) के रूप में की गई है।
पुलिस ने यह भी बताया कि नाव चलाने वाले पप्पू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। चार लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश फिलहाल यमुना नदी के 14 किलोमीटर के दायरे में केंद्रित है। नदी की धारा को देखते हुए ऐसा अंदेशा है कि लापता लोग काफी नीचे की ओर बह गए होंगे।
सेना की ‘स्ट्राइक वन कोर’ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मचारी 20 घंटे से अधिक समय से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि यह निर्धारित करने के लिए एक व्यापक जांच की जाएगी कि इतनी बड़ी त्रासदी के पीछे किसकी चूक थी और जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर व किस तरह से लापरवाही बरती गई, जिससे इतनी बड़ी दुर्घटना हुई।
उन्होंने बताया कि बचाव एवं राहत अभियान समाप्त हो जाने के बाद जिलाधिकारी एक जांच समिति का गठन करेंगे और मामले की औपचारिक जांच के आदेश जारी करेंगे।
किसी भी यात्री के पास नहीं थी लाइफ जैकेट
वृन्दावन थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि नाव चलाने पप्पू को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है जिस पर किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट प्रदान करने में विफल रहने व यात्रियों की आपत्तियों के बावजूद तेज गति बनाए रखने का आरोप है। मुकदमे के मुताबिक, नाव चलाने वाले पर आरोप है कि उसने पहले तो नाव में बैठाने से पहले किसी भी तीर्थयात्री को तैरना न आने के बाद भी लाइफ जैकेट नहीं दी। यदि ऐसी सामान्य सावधानी बरती होती तो संभव है इतनी बड़ी जनहानि न होती। वैसे भी उसकी नाव में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
नाव की स्पीड नहीं की कम
दूसरे, उसने लापरवाही व तेज गति से नाव चलाने के बाद बेहद डरे हुए तीर्थयात्रियों द्वारा कई बार गुहार किए जाने पर भी न तो नाव को रोका, और न ही उसकी गति कम की। पुल के पीपों के समीप पहुंचने के बाद जब वह चेता, तब तक देर हो चुकी थी। जिसके कारण पीपे से टकरा जाने के बाद नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। उसके बारे में यह भी ज्ञात हुआ है कि वह भी उन नाविकों में शामिल है, जिन्होंने नाव चलाने का कोई लाइसेंस नहीं बनवाया है।
ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज
ठेकेदार नारायण शर्मा बिना सूचना दिए पोंटून पुल को खोलने-जोड़ने का काम करा रहा था। जबकि उसे ऐसा करने से पहले नगर निगम, नाविकों एवं अधिकारियों को सूचित कर देना चाहिए था। पुलिस ने उन दोनों के खिलाफ मांट थाने में गैर इरादतन हत्या के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय ने कहा कि नाव को बरामद कर लिया गया है। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। पिछले चार घंटे से हम नाव को निकालने की कोशिश कर रहे थे, जो पलटने के बाद गहरे दलदली इलाके में फंस गई थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने नौका को निकालने के लिए पेशेवर तरीके से काम किया।
शवों का हुआ पोस्टमार्टम
डीआईजी ने बताया कि दुर्घटना में घायल लोगों की हालत स्थिर है। शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने इस घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
चार लोग अब भी लापता
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मृतकों की पहचान कविता रानी, चरनजीत, सपना हंस, रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल, अंजू गुलाटी, इशान कटारिया, माणिक टंडन और मीनू बंसल के रूप में हुई है। लापता लोगों में पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका शामिल हैं। ये सभी पर्यटक पंजाब के लुधियाना और मुक्तसर से वृंदावन आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे।