प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की
भुवनेश्वर, 16 मार्च (भाषा) ओडिशा सरकार द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आईसीयू में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह जानकारी दी। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया कि मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान अस्पताल के करीब 11 कर्मचारी झुलस गए। उन्होंने बताया कि आग शायद शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। एक अधिकारी ने बताया कि आग देर रात ढाई बजे से तीन बजे के बीच लगी और दमकलकर्मी तुरंत अस्पताल पहुंचे व आग बुझाने के लिए अभियान शुरू किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आग लगने की घटना में मरीजों की मौत पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ओडिशा के कटक स्थित एक अस्पताल में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’’ प्रधानमंत्री ने माझी से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अस्पताल में लगी आग की घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
ख्यमंत्री माझी ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।माझी ने बताया कि ट्रॉमा केयर गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) और उससे सटे आईसीयू व वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आग लगने से सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों की मौत दम घुटने से हुई। उन्होंने कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में आग लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज किया जा रहा था। माझी ने इस मामले में न्यायिक जांच की भी घोषणा की और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा तुरंत उन्हें रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अग्निशमन विभाग के महानिदेशक को निर्देश देता हूं कि वह स्वयं एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा करें और अग्निशमन सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें।’’
माझी ने बताया कि 11 चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया और उनका अस्पताल के एक वार्ड में इलाज हो रहा है। उन्होंने बताया, ‘‘पदभार ग्रहण करने के बाद मैंने संबंधित विभाग को सभी चिकित्सा संस्थानों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए थे और मैंने उन्हें इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 2025-26 के वार्षिक बजट में 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि आगामी वर्ष (2026-27) के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में भीषण आग लगने की घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूं। प्रभावित मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और उनका इलाज निर्बाध जारी है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं और मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’