कहा, भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के खिलाफ जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हिंसक शासन के खिलाफ जिस साहस के साथ भारत के युवाओं ने मजबूती से डटे रहने का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। उन्होंने भाजपा के गुंडों द्वारा दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करने वाली लड़कियों की भी सराहना की।
गांधी ने उन छात्रों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जिन्होंने पिछले महीने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। छात्रों को प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पुलिस की ज्यादती का सामना करना पड़ा था।
गांधी ने छात्रों की बातें सुनीं, जिन्होंने अपनी आवाज उठाने के बाद पुलिस की कथित “बर्बरता” और “उत्पीड़न” का सामना करने के अपने अनुभव साझा किए। गांधी और छात्रों के बीच यह बातचीत इस महीने की शुरुआत में हुई थी।
कांग्रेस नेता गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा कि छात्रों ने शांति, मोहब्बत और हंसी-मजाक के साथ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा, मुझे हर एक युवा पर गर्व है खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अब उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी।
गांधी ने कहा कि 22 अगस्त को छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पुणे पहुंचेगा और इस बार यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं के लिए होगा। उन्होंने कहा, अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा।