दिल्ली हाईकोर्ट बोला- वांगचुक को अस्पताल ले जाना गलत नहीं, निजी अस्पताल में शिफ्ट करने से भी इनकार किया
Published : Jul 19, 2026, 5:58 pm IST
Updated : Jul 19, 2026, 5:58 pm IST
SHARE ARTICLE
'Taking Wangchuk to the hospital is not wrong'; Delhi High Court refuses to order transfer to a private hospital
'Taking Wangchuk to the hospital is not wrong'; Delhi High Court refuses to order transfer to a private hospital

मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने रविवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल में जारी इलाज के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने कहा कि इस चरण में सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने संबंधी उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो की याचिका पर किसी अंतरिम आदेश की आवश्यकता नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।

शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। वांगचुक 28 जून से नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे थे।

रविवार को विशेष सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पुष्करणा ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक की लगातार निगरानी कर रहे हैं, और यह नहीं कहा जा सकता कि उनके खिलाफ किसी प्रकार की जबरदस्ती की जा रही है।

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने की कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता। न्यायमूर्ति पुष्करणा ने यह भी उल्लेख किया कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो, उनके भाई और रिश्तेदारों को उनसे 24 घंटे मिलने की अनुमति दी गई है।

अदालत ने वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के अनुरोध वाली आंग्मो की याचिका पर केंद्र सरकार, सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि इस मामले में किसी प्रकार के ‘‘संदेह’’ की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक की अच्छी तरह देखभाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भी इलाज में सहयोग करना होगा।

इस पर अदालत ने कहा, यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि यदि आवश्यक हुआ और यदि वह स्वयं ऐसा चुनते हैं, तो सोनम वांगचुक चिकित्सकीय हस्तक्षेप के लिए डॉक्टरों का सहयोग करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि वह चाहते हैं कि वांगचुक को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए।

सिब्बल ने इस बात पर जोर दिया कि वांगचुक किसी हिरासत में नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के अस्पताल में भर्ती होने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है।

SHARE ARTICLE

ROZANASPOKESMAN

Advertisement

 

जेल में बंद सिखों की पैरोल पर मनप्रीत सिंह अयाली का फुटा गुस्सा

05 Aug 2026 2:06 PM

देहरादूनः बारिश में बहे 16 करोड़, 16 दिन पहले बना पुल ढहा

28 Jul 2026 6:10 PM

31 साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ, बलवंत राजोआणा ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को लिखा फिर पत्र

22 Jul 2026 1:35 PM

पंजाब में मॉनसून एक्टिव, डेंगू और मलेरिया का बढ़ा खतरा

12 Jul 2026 5:06 PM

पंजाब में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, क्या राज्य इस मॉनसून के लिए तैयार है?

10 Jul 2026 12:58 PM

चन्नी गुट की बड़ी मीटिंग, राणा गुरजीत के घर पर इकट्ठा हुए चन्नी, रंधावा और आशु

09 Jul 2026 12:05 PM