कहा- मैं इंग्लैंड टीम का कोच बनना चाहता हूं
लंदन। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने भविष्य में राष्ट्रीय टीम का कोच बनने की इच्छा जताते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने के लिए उनके पास आवश्यक अनुभव है। बेन स्टोक्स ने जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके करियर में 2019 विश्व कप में इंग्लैंड की खिताबी जीत और उसी वर्ष हेडिंग्ले में एशेज के दौरान खेली गई उनकी मैच जिताऊ पारी शामिल रही।
स्टोक्स ने 2022 से इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी की थी। स्टोक्स ने ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट में कहा, मैं अभी खेलते हुए लेवल-तीन कोचिंग कोर्स कर रहा हूं क्योंकि जब मेरे खेलने का करियर समाप्त होगा तब तक मैं इससे जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेना चाहता हूं। उन्होंने कहा, मैं कोच बनना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि खेल से जुड़े रहकर मुझे क्या करना है और वह कोचिंग है। क्या मैं एक दिन इंग्लैंड का कोच बनना चाहूंगा? बिल्कुल। स्टोक्स ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह इस भूमिका को अच्छी तरह निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं यह जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाऊंगा क्योंकि अब मुझे बड़े फैसलों और उनके साथ आने वाली जिम्मेदारी की पूरी समझ है। बड़े फैसले लेने से मुझे कोई परेशानी नहीं होती। इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान हैरी ब्रूक के बारे में स्टोक्स ने कहा कि वह असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी नहीं मिलना हैरानी की बात थी।
स्टोक्स ने कहा, अगर आपको लगता है कि कोई खिलाड़ी अच्छा कप्तान या अच्छा नेतृत्वकर्ता बन सकता है तो उसे मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा, ब्रूक को उपकप्तान बनाया गया। जब मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ वह टेस्ट नहीं खेल रहा था तब भी मैं सोच रहा था कि ब्रूक उपकप्तान क्यों हैं।
स्टोक्स ने कहा, मैं इसके पीछे की वजह समझता था लेकिन फिर भी मेरे मन में सवाल था कि इससे उसे क्या संदेश जाता है। वह उपकप्तान है, कप्तान नहीं खेल रहा है, लेकिन फिर भी उसे कप्तान नहीं बनाया गया। इससे क्या संकेत मिलता है?
स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले जो रूट को फिर से टीम का कप्तान नियुक्त किया गया जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को टीम का मुख्य कोच बनाया गया।