क्या करना चाहिए
हाइड्रेटेड रहें:
•अगर आपको प्यास नहीं लग रही है, तो भी बार-बार पानी पिएं।
•ट्रैवल करते समय अपने साथ पीने का पानी रखें।
•बेहतर होगा कि पानी, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आम पन्ना, नारियल पानी या दूसरे लोकल नैचुरल ड्रिंक्स लें।
•तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा, लेट्यूस वगैरह जैसे ज्यादा पानी वाले मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
अपने शरीर को ढककर रखें
•सीधे धूप में निकलने से बचें।
•घर के अंदर हवादार और ठंडी जगहों पर रहें।
•पतले, ढीले, सूती कपड़े पहनें, बेहतर होगा कि हल्के रंग के हों।
•अपना सिर ढकें: छाता, टोपी आदि का प्रयोग करें।
•धूप में बाहर जाते समय जूते या चप्पल पहनें।
•अपनी खिड़कियां और पर्दे दिन के दौरान बंद रखें और रात में उन्हें खोलें।
नियमित रूप से उन कमजोर लोगों की जांच करें जो अधिक जोखिम में हैं
•शिशु और छोटे बच्चे
•गर्भवती महिलाएं
•जो लोग बाहर काम करते हैं।
•जो लोग मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं।
•जो लोग शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, विशेष रूप से हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से पीड़ित।
•बुजुर्ग या बीमार लोग जो अकेले रहते हैं।
क्या न करें
•जब तक बिल्कुल आवश्यक न हो धूप में बाहर न जाएं।
•देर दोपहर में कठिन बाहरी गतिविधियों से बचें।
•शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक या अधिक मात्रा में चीनी वाले पेय से बचें क्योंकि इनसे शरीर में अत्यधिक तरल पदार्थ की कमी हो सकती है या पेट में ऐंठन हो सकती है।
•बासी खाना न खाएं।
•बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में न छोड़ें।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, यू.टी. चंडीगढ़।