"स्वच्छ भारत मिशन सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक बड़ा जन आंदोलन बन गया है"
चंडीगढ़ः एक विकसित भारत का सपना लोगों की जिंदगी की क्वालिटी से जुड़ा है। साफ सड़कें, हेल्दी बाजार और साफ माहौल इस क्वालिटी की नींव हैं। राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सरकार के बनाए इंफ्रास्ट्रक्चर और हर नागरिक की रोजाना की भागीदारी से ही सफाई एक लाइफस्टाइल बन सकती है।
महात्मा गांधी की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को समर्पित सेवा संकल्प अभियान के हिस्से के तौर पर, चंडीगढ़ के सेक्टर-26 सब्जी मंडी में सफाई कैंपेन शुरू किया गया। इस कैंपेन को भाजपा के चंडीगढ़ इंचार्ज और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने लीड किया। इसमें राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, पूर्व अध्यक्ष अरुण सूद, मेयर सौरभ जोशी, पार्टी नेता, कार्यकर्ता और शहर के लोग शामिल हुए।
संधू ने कहा कि पिछले 12 सालों में स्वच्छ भारत मिशन सिर्फ एक नारा नहीं रहा, बल्कि लोगों की भागीदारी से एक बड़ा जन आंदोलन बन गया है। सरकार ने गांवों और शहरों में शौचालय बनाने और सफाई का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की अपनी जिम्मेदारी पूरी की है। अब यह सभी का साझा कर्तव्य है कि वे साफ व्यवहार और नागरिक जिम्मेदारी के साथ इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि मिशन के तहत ग्रामीण भारत में 12.22 करोड़ से ज्यादा घरेलू शौचालय बनाए गए हैं। देश के 5.69 लाख से ज्यादा गांव ODF प्लस स्टेटस तक पहुंच गए हैं। 5.38 लाख से ज्यादा गांवों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और 5.65 लाख से ज्यादा गांवों में लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था की गई है। इससे पता चलता है कि गांवों तक सफाई की सुविधाएं पहुंचाने पर भी ध्यान दिया गया है। शहरों में घर-घर से कचरा इकट्ठा करने और कचरे को अलग करने की व्यवस्था को भी बढ़ाया गया है।
संधू ने कहा कि विकसित भारत में हर नागरिक के जीवन स्तर के लिए सफाई एक जरूरी पहलू है। सरकार सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकती है, लेकिन उन्हें साफ रखने के लिए नागरिकों की जागरूकता और भागीदारी जरूरी है। सफाई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि इसे रोजाना की आदत बन जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत, पुराने कचरे के बड़े ढेरों को साइंटिफिक तरीके से हटाने और उस जमीन को दोबारा इस्तेमाल करने का काम भी आगे बढ़ा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार, मई 2026 तक, देश भर के 2,482 कचरा डंपों पर जमा 26 करोड़ मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 65 प्रतिशत को प्रोसेस किया जा चुका है और लगभग 9,000 एकड़ जमीन को फिर से इस्तेमाल किया जा चुका है। चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा और दिल्ली के भलस्वा में भी पुराने कचरे की साइंटिफिक प्रोसेसिंग की जा रही है।
जुलाई 2026 तक दिल्ली के भलस्वा में 99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे को प्रोसेस किया गया। संधू ने कहा कि सेक्टर 26 जैसी व्यस्त सब्जी मंडी में सफाई का सीधा संबंध लोगों की सेहत, व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों की रोजी-रोटी और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा से है। उन्होंने नागरिकों और दुकानदारों से अपील की है कि वे कचरे का सही तरीके से निपटान करें और अपने आस-पास की जगह को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। लोगों की भागीदारी से चंडीगढ़ को एक साफ, स्वस्थ और रहने लायक शहर बनाया जा सकता है।