समीर दुआ को सुनाई 3 साल की सजा व 15,000 रुपये का जुर्माना
मोहाली पंजाब के मोहाली में एक स्पेशल सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) कोर्ट ने करोड़ों के बैंक फ्रॉड केस में समीर दुआ को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सश्रम कैद और 15,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
ऑफिशियल सूत्रों के मुताबिक, CBI ने मंडी गोबिंदगढ़ की फर्म 'M/s G.D. इस्पात उद्योग' के पार्टनर दिलीप दुआ और समीर दुआ के साथ कुछ और लोगों के खिलाफ इंडियन ओवरसीज बैंक से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने की साजिश रचने का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने बैंक को जाली डॉक्यूमेंट/जानकारी देकर धोखाधड़ी से 4 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट (CC) लिमिट हासिल की थी, जिससे बैंक को भारी फाइनेंशियल नुकसान हुआ।
केस की सुनवाई और ट्रायल पूरा होने के बाद, कोर्ट ने समीर दुआ को दोषी पाया और सज़ा का ऐलान किया। गौरतलब है कि इस मामले में सह-आरोपी दिलीप दुआ की मौत हो चुकी है, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही खत्म कर दी गई थी।