दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला, सबूतों के अभाव में किया बरी
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। सोमवार को अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत ने दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों में पर्याप्त आधार ना मिलने पर उन्हें दोष मुक्त घोषित किया। यह मामला पिछले कुछ वर्षों से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ था। अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद 2 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब 3 अगस्त को सुनाया गया।
इस मामले की सुनवाई कई चरणों में हुई। जांच, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया। अदालत ने अपने आदेश में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को आरोपों से मुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद दोनों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
अदालत के निर्णय के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जिस दिन उन पर आरोप लगाए गए थे, उसी दिन उन्होंने कहा था कि यदि आरोप सिद्ध हो जाएं तो वह किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पर उन्हें पूरा विश्वास था और अब अदालत ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किया है। अदालत के निर्णय के बाद उनके मन में संतोष है और वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह के निवास पर समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कई समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। अदालत के निर्णय के बाद लोगों ने उन्हें बधाई भी दी।