मरीजों की जान जोखिम में, लोग परेशान
जींद: जींद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जिले में उपलब्ध 29 एंबुलेंस में से 12 एंबुलेंस ऐसी हैं, जो तय समय और किलोमीटर सीमा पूरी कर चुकी हैं, लेकिन नई एंबुलेंस न मिलने के कारण मजबूरी में अब भी सड़कों पर दौड़ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी रवि राणा के अनुसार, इन एंबुलेंस का उपयोग अब मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि ये अपनी निर्धारित क्षमता से ज्यादा चल चुकी हैं। नियमों के मुताबिक, एक एंबुलेंस लगभग 3 लाख किलोमीटर चलने के बाद मरीजों की सेवा के लिए उपयुक्त नहीं रहती, लेकिन जिले में कई एंबुलेंस इस सीमा को पार कर चुकी हैं।
नागरिक अस्पताल के पास फिलहाल करीब 10 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिनमें से कई अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इसके बावजूद मरीजों को अस्पताल लाने-ले जाने के लिए इन्हीं एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। जुलाना, नरवाना, उचाना जैसे इलाकों में एंबुलेंस की कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। कई बार एक एंबुलेंस पर कई गांवों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही नई एंबुलेंस की मांग सरकार के सामने रखी है। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही 3 नई एंबुलेंस मिल सकती हैं, जिससे कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह संख्या पर्याप्त नहीं मानी जा रही।