अमृत होरो (34) के रूप में हुई आरोपी की पहचान
रांची, (भाषा) झारखंड पुलिस ने प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के मुख्य कमांडर को गिरफ्तार किया है, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी अमृत होरो उर्फ मेचो (34) को बृहस्पतिवार को रांची जिले के लापुंग पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत महूगांव वन क्षेत्र में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि सूचना मिली थी कि वह कुछ साथियों के साथ वहां अपराध को अंजाम देने के लिए एकत्र हुआ था।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने बताया, "सूचना के आधार पर त्वरित प्रतिक्रिया दल और अन्य पुलिस कर्मियों को मिलाकर बनाए एक विशेष दस्ते ने छापा मारा और इलाके की घेराबंदी कर होरो को गिरफ्तार किया गया।’’ रंजन ने बताया, ‘‘होरो पर 10 लाख रुपये का इनाम था और चाईबासा, खूंटी, गुमला और रांची सहित कई जिलों में उसके खिलाफ कम से कम 50 आपराधिक मामले लंबित हैं।"
एसएसपी ने बताया कि उसके पास से एक स्वचालित पिस्तौल, 4 कारतूस, 3 मोबाइल फोन और संगठन का एक पर्चा बरामद किया गया है। अधिकारी ने बताया कि दिनेश गोप की गिरफ्तारी और मुठभेड़ में मार्टिन केरकेट्टा के मारे जाने के बाद, होरो प्रतिबंधित संगठन का नेतृत्व कर रहा था। उन्होंने होरो की गिरफ्तारी को पीएलएफआई के ताबूत में आखिरी कील बताया।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए उससे पूछताछ कर रही है। रांची में 21 मई को कई वरिष्ठ कमांडरों सहित कुल 27 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में से 7 'उप-क्षेत्रीय कमांडर' थे, जिनमें 123 मामलों में वांछित सगेन अंगारिया उर्फ डोकोल (50), 48 मामलों में वांछित गड़ी मुंडा उर्फ गुलशन (34) और 38 आपराधिक मामलों में वांछित नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभांत मुंडा (50) शामिल थे।
6 'क्षेत्रीय कमांडरों' ने भी हथियार डाल दिए। इनमें से 5 पर 5 लाख रुपये का इनाम था। लातेहार जिले में 23 मई को प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के 'उप-क्षेत्रीय कमांडर' शिव नारायण सिंह उर्फ शिव सहित 2 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।