बिना जानकारी और बिना चर्चा के बेअदबी विधेयक को मंजूरी देना बेहद चिंताजनक : सुखजिंदर रंधावा
चंडीगढ़। पूर्व उप मुख्यामंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बेअदबी जैसे अत्यंत संवेदनशील और पंथ से जुड़े गंभीर विषय पर पंजाब सरकार का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना और चिंताजनक है। जितना सीरियस मुद्दा है आप सरकार उतनी ही नॉन सीरियस नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि आज हुई पंथक कचहरी की चर्चा से यह स्पष्ट हो गया है कि आम आदमी पार्टी के कई विधायकों ने बिना गहन अध्ययन और बिना पर्याप्त चर्चा के ही बेअदबी विधेयक को अपनी सहमति दे दी।
रंधावा ने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह सामने आई कि कई विधायकों को विधेयक में इस्तेमाल किए गए कस्टोडियन जैसे महत्वपूर्ण शब्द की कानूनी परिभाषा तक की जानकारी नहीं थी। जब कानून बनाने और उसे पारित करने वाले जनप्रतिनिधियों को ही उसके मूल प्रावधानों की पूरी समझ न हो, तो ऐसी सहमति केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है।
सुखजिंदर रंधावा ने आरोप लगाया कि दिल्ली नेतृत्व को खुश करने की राजनीति में पंजाब सरकार इस महत्वपूर्ण कानून के मूल और संवेदनशील पहलुओं की अनदेखी कर रही है, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि बेअदबी का मुद्दा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे विषय पर किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या सतही प्रक्रिया उचित नहीं कही जा सकती।
उन्होंने कहा कि सरकार को सभी पक्षों, धार्मिक संस्थाओं और विधि विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए था। सरकार बेअदबी विधेयक के सभी प्रावधानों पर पुनर्विचार करे, व्यापक चर्चा कराए और सभी संबंधित पक्षों का विश्वास हासिल करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करे। तभी भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न नहीं होगा।