बसपा मेरे लिए सिर्फ पार्टी नहीं, मेरा परिवार है
उत्तर प्रदेशः बहुजन समाज पार्टी से निकाले जाने के बाद आकाश आनंद ने मायावती को खुला पत्र लिखकर अपने बारे चल रही अटकलों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मायावती जी मेरी राजनीतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं और मेरी बुआ मां भी हैं। राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो मायावती जी से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया।
उन्होंने कहा कि मैं अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी।
उन्होंने कहा कि बसपा मेरे लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है। अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फैसला पूरी तरह उचित है और मैं उस फैसले के साथ खड़ा हूं। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है।
उन्होंने कहा कि उस समय मैंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को गलत समझा गया और अफवाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं। मैं सिर्फ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूंगा। बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है।