कहा, 'मैं मरते दम तक यहीं रहूंगा'
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के करीब 2 महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय मंगलवार को पहली बार अयोध्या में नजर आए और वह तपस्वी छावनी मंदिर पहुंचे। जब वह मंदिर जा रहे थे तो मीडियाकर्मी उनकी फोटो-वीडियो बनाने लगे।
इस पर चंपत राय गुस्से में नजर आए और उंगली से इशारा कर अपने साथियों से कैमरे बंद कराने को कहा। चंपत राय से मुलाकात के बाद तपस्वी छावनी मंदिर के परमहंस आचार्य ने कहा- हम लोगों ने चंपत से निवेदन किया कि आप अयोध्या धाम मत छोड़िए। उन्होंने हमारा निवेदन स्वीकार किया और कहा कि अंतिम सांस तक मैं अयोध्या में रहूंगा।
इससे पहले चंपत राय ने 7 जून को वीडियो जारी कर सफाई दी थी कि राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई है। राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला 6 जून, 2026 को सामने आया था। अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बताया, चंपत राय ने मुझसे कहा कि मेरा कहीं भी आना-जाना होगा, लेकिन अयोध्या ही मेरा निवास रहेगा। मैं जीवनभर यहीं रहूंगा। जो उल्लू और चमगादड़ प्रकृति के लोग हैं, वे सूर्य का महत्व नहीं जान सकते। उसी तरह पूरा सनातन समाज चंपत राय का सम्मान करता है। कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के कारण उनका विरोध कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है।
चंपत राय ने 26 जून, 2026 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। 6 जुलाई को राम मंदिर में ट्रस्ट की बैठक हुई। इसमें चंपत राय के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया। चंपत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया।