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मानसून सत्र में लोकसभा की कामकाज उत्पादकता करीब 46 फीसदी रही.
नई दिल्ली: लोकसभा की बैठक शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. मानसून सत्र के दौरान मणिपुर मुद्दे समेत कुछ अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कामकाज बाधित रहा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा से पहले कहा कि सत्र के दौरान 17 बैठकें हुईं, जिनमें से 44 घंटे और 13 मिनट कामकाज हुआ.
उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में लोकसभा की कामकाज उत्पादकता करीब 46 फीसदी रही. बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया और इस पर 19 घंटे 59 मिनट तक चर्चा हुई और 60 सदस्यों ने इसमें भाग लिया. उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया. इस पर 8 अगस्त, 9 अगस्त और 10 अगस्त को चर्चा हुई.
बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान 20 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 22 विधेयक पारित किए गए. सत्र के दौरान पारित महत्वपूर्ण विधेयकों में मल्टी स्टेट गवर्नमेंट सोसायटी संशोधन विधेयक 2023, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक 2023, राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग विधेयक 2023, राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग विधेयक 2023, सार्वजनिक ट्रस्ट प्रावधान संशोधन विधेयक 2023, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्य शामिल हैं। इसमें प्रादेशिक शासन संशोधन विधेयक 2023 और अंतर-सेना संगठन कमान, नियंत्रण और अनुशासन विधेयक 2023 शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 50 अतिरिक्त प्रश्नों का उत्तर मौखिक रूप से दिया गया और शेष प्रश्नों का उत्तर लिखित रूप में दिया गया. 9 अगस्त को सभी प्रश्नों का उत्तर मौखिक रूप से दिया गया। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था। सत्र के दौरान 4 अगस्त (शुक्रवार) को गैर सरकारी सदस्यों द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित गैर सरकारी सदस्य कार्य से संबंधित कुल 134 विधेयक प्रस्तुत किये गये.
इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री मौजूद रहे. विपक्षी दलों के ज्यादातर सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे.