अहमदाबाद में स्थित साबरमती आश्रम में पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात हुई।
German Chancellor, PM Modi at Gandhi Ashram: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ आज यानी सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे। उन्होंने साबरमती आश्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसके बाद दोनों नेता एक ही कार से बाहर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने आज साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी।

जर्मनी का चांसलर बनने के बाद मर्ज की यह पहली एशिया यात्रा है, जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री मोदी सुबह-सुबह साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा करने के बाद जर्मन चांसलर का स्वागत किया।

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के लिए सैन्य ताकत दिखाए जाने के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों नेता यूक्रेन में शांति बहाली और वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे। जर्मनी, भारत का यूरोपीय संघ में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और इस यात्रा के दौरान पनडुब्बी सौदे जैसी बड़ी रक्षा परियोजनाओं पर अंतिम निर्णय हो सकता है।

साबरमती में चरखा और आसमान में पतंगों के बीच, जर्मन चांसलर मर्ज के स्वागत के लिए अहमदाबाद पूरी तरह तैयार है। वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे। इसके बाद, वे शहर में आयोजित 'काइट फेस्टिवल' (पतंग उत्सव) में हिस्सा लेंगे और कौशल विकास से जुड़े एक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। अहमदाबाद के बाद चांसलर बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के अवसर पर हो रही है।

रक्षा सौदे और आर्थिक संबंधों को मजबूती देने पर जोर देते हुए, जर्मन चांसलर की इस यात्रा का मुख्य आकर्षण 5 बिलियन यूरो का पनडुब्बी सौदा हो सकता है। जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप और मझगांव डॉक के बीच भारतीय नौसेना के लिए छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति को लेकर बातचीत चल रही है। इसे 'मेक इन इंडिया' की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बीच, भारत अब यूरोप और विशेषकर जर्मनी के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है।

भारत और जर्मनी के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश 'इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप' पर मिलकर काम कर रहे हैं। 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 51.23 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। चांसलर की इस यात्रा के कुछ ही दिनों बाद यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भी भारत आएंगे, जहाँ बहुप्रतीक्षित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा होने की संभावना है।
(For more news apart from PM Modi and FriedrichMerz took part in the International Kite Festival 2026 in Ahmedabad news in hindi, stay tuned to Rozanaspokesman Hindi)