परगट सिंह बोले- शिक्षकों और किसानों के साथ सरकार कर रही अपराधियों जैसा बर्ताव
पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और किसानों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा की। खुद को मास्टर का बेटा बताने वाले सीएम भगवंत मान अपनी मर्यादा भूलकर पंजाब के शिक्षकों और किसानों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव कर रहे हैं। यह लोग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च और धऱना प्रदर्शन कर रहे थे। इस तरह उनके खिलाफ पुलिस बल का प्रयोग करना सरकार की कमजोरी दर्शाता है।
परगट सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हर बार खुद को सितोज वाले मास्टर का बेटा बताकर पंजाब के लोगों की सहानूभूति हासिल की है। अब मुख्यमंत्री होते हुए शिक्षकों पर ही लाठीचार्ज करवाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। उनकी सरकार में शिक्षक ही उनकी जायदतियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि आप सरकार ने 28 जुलाई 2023 में 12710 शिक्षकों को पक्की भर्ती करते हुए नियुक्ति पत्र सौंपे थे, लेकिन दो साल बाद भी उन्हें अभी तक पक्के मुलाजिमों का स्केल नहीं दिया गया। न ही उन्हें टीए, मैडीकल रिअंबर्सेमेंट और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे सर्विस लाभ भी नहीं दिए जा रहे हैं। अपनी इन्हीं मांगों को लेकर शिक्षक शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। उनके शांतिपूर्ण मार्च को न केवल मोहाली से लेकर चंडीगढ़ तक कई जगह बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई, बल्कि उनपर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
इस दौरान कई सिख शिक्षकों की पगड़ियां भी उतर गईं। लाठीचार्ज के दौरान 3 महिला शिक्षकों समेत पांच लोग घायल हुए। यूनियन प्रधान दविंदर सिंह संधू के घुटने पर चोट आई है। उन्होंने कहा कि सरकार इन शिक्षकों ही नहीं बल्कि किसी भी कच्चे मुलाजिमों को पक्का नहीं कर पाई है।
परगट सिंह ने बठिंडा में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब किसान बार्डर पर बैठे काले कानूनों के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब आम आदमी पार्टी की सरकार उनकी मदद कर रही थी। अब जब पंजाब सरकार से अपने हकों की मांग कर रहे है तो यही आप सरकार उन पर लाठियां बरसा रही है। यह आम आदमी पार्टी का दोहरा चेहरा है, जोकि शिक्षकों, किसानों और अन्य पंजाबियों के सामने नंगा हुआ है।