Wheat Flour Export: सरकार ने 5 लाख टन गेहूं के आटे और उत्पादों के निर्यात की दी मंजूरी
Wheat Flour Export: सरकार ने 5 लाख टन गेहूं के आटे और उत्पादों के निर्यात की दी मंजूरी
Published : Jan 19, 2026, 6:44 pm IST
Updated : Jan 19, 2026, 6:44 pm IST
SHARE ARTICLE
Centre permits 500,000 tonnes of wheat product exports under strict rules
Centre permits 500,000 tonnes of wheat product exports under strict rules

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने कहा कि इस कोटे से ज़्यादा एक्सपोर्ट पर रोक रहेगी।

Wheat Flour Export: सरकार ने 5 लाख टन गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह आंशिक ढील तीन साल से अधिक समय बाद निर्यात पर लगे प्रतिबंध में दी गई है। केंद्र सरकार ने 2022 में गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। भारत इस उत्पाद का एक प्रमुख उत्पादक देश है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 16 जनवरी को जारी अधिसूचना में कहा कि गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों का निर्यात प्रतिबंधित रहेगा, लेकिन मौजूदा नीतिगत शर्तों के साथ पांच लाख टन तक निर्यात की अनुमति दी गई है।(Centre permits 500,000 tonnes of wheat product exports under strict rules news in hindi) 

डीजीएफटी ने कहा कि जो आवेदक गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों का निर्यात करना चाहते हैं, उन्हें महानिदेशालय से अनुमति लेनी होगी और इसके लिए आवेदन करना होगा। अधिसूचना के अनुसार, पहले चरण के लिए आवेदन 21 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद, जब तक निर्धारित निर्यात मात्रा उपलब्ध रहेगी, हर महीने के अंतिम 10 दिनों में नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

डीजीएफटी ने यह भी बताया कि निर्यात का यह अधिकार जारी होने की तारीख से 6 महीने के लिए वैध रहेगा। इसके लिए आटा मिलें, प्रसंस्करण इकाइयां और अन्य निर्यातक आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदकों के पास वैध IEC (आयात-निर्यात कोड) और FSSAI लाइसेंस होना अनिवार्य है। निर्यात प्रसंस्करण इकाइयों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) के अलावा, ऐसे व्यापारी भी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास वैध IEC और FSSAI लाइसेंस हो और जो सहायक निर्माता के रूप में काम करने वाली आटा मिलों के साथ वैध अनुबंध या आपूर्ति समझौता रखते हों। निर्यात की मात्रा का निर्णय एक विशेष एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट (EXIM) सुविधा समिति द्वारा किया जाएगा।

सरकार ने 2022 में गेहूं और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी थी, हालांकि कुछ जरूरतमंद देशों को इसका निर्यात जारी रखा गया। उदाहरण के लिए, चालू वित्त वर्ष में सरकार ने नेपाल को 2 लाख टन गेहूं उपलब्ध कराया। इसी तरह, भूटान और माली सहित अन्य देशों को भी आवश्यकतानुसार गेहूं का निर्यात किया गया। लेकिन इस आपातकालीन निर्यात को छोड़ दें तो अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक केवल 12 हजार टन गेहूं का ही निर्यात हुआ है। सरकार ने महंगाई को देखते हुए गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

DGFT ने गेहूं के आटे के अलावा मैदा और सूजी जैसे गेहूं आधारित उत्पादों के निर्यात की अनुमति दे दी है। 5 लाख टन का यह निर्यात किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरी ग्लोबल मार्केट के लिए खोला गया है। खास बात यह है कि सरकार ने गेहूं के सीधे निर्यात पर अभी भी रोक रखी हुई है और केवल उससे बने उत्पादों को ही विदेश भेजने की अनुमति दी गई है। इसका उद्देश्य घरेलू ब्रांड को बढ़ावा देना और भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाशना है।

(For more news apart from Centre permits 500,000 tonnes of wheat product exports under strict rules news in hindi, stay tuned to Rozanaspokesman Hindi) 

SHARE ARTICLE

ROZANASPOKESMAN

Advertisement

 

'हमारा गांव बिकाऊ है' पोस्टर विवाद बढ़ा, SHO के खिलाफ कार्रवाई

03 Jun 2025 5:49 PM

रोती हुई महिला ने निहंग सिंह पर लगाया आरोप बेअदबी, फिरोजपुर जमीन विवाद निहंग सिंह मामला

03 Jun 2025 5:48 PM

पंजाब किंग्स की जीत! मुंबई इंडियंस को हराकर फाइनल में बनाई जगह, अब RCB से होगी बड़ी टक्कर

02 Jun 2025 6:41 PM

Punjab Kings Vs RCB ! सुनें दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाज मोहित शर्मा किसका कर रहे हैं समर्थन

02 Jun 2025 6:39 PM

जेल से बाहर आने के बाद जगदीश भोला का EXCLUSIVE वीडियो

02 Jun 2025 6:37 PM

राजबीर कौर ने बताया कपिल शर्मा और भारती बहुत शरारती हैं, Rajbir kaur Exclusive Interview

02 Jun 2025 6:35 PM