मारिन के साथ मटियास विला विश्लेषणात्मक कोच के रूप में और वेन लोम्बार्ड वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में टीम से जुड़ेंगे।
Indian Women's Hockey Team: नीदरलैंड के सोर्ड मारिन को शुक्रवार को एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वह दूसरी बार यह जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके कार्यकाल में भारतीय महिला टीम ने टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान हासिल किया था। (Sjoerd Marijne has been appointed as the new head coach of the Indian women's hockey team news in hindi)
मारिन को हरेंद्र सिंह की जगह नियुक्त किया गया है, जिन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन और कोचिंग में मनमानी के आरोपों के बीच इस्तीफा दिया था। नीदरलैंड के पूर्व हॉकी खिलाड़ी 51 वर्षीय मारिन इससे पहले 2017 से 2021 तक भारतीय महिला हॉकी टीम से जुड़े रहे थे। करीब पांच साल बाद उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी कोचिंग टीम में मटियास विला भी शामिल होंगे, जिन्हें एनालिटिकल कोच की जिम्मेदारी दी गई है।
भारतीय हॉकी टीम में वेन लोम्बार्ड की भी वापसी हो रही है, जो वैज्ञानिक सलाहकार और खेल प्रदर्शन प्रमुख की भूमिका निभाएंगे। हॉकी इंडिया की विज्ञप्ति में मारिन ने कहा, “भारत लौटकर बहुत अच्छा लग रहा है। साढ़े चार साल बाद मैं नई ऊर्जा और स्पष्ट सोच के साथ इस पद पर लौटा हूं, ताकि टीम को आगे बढ़ाने में मदद कर सकूं और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में सहयोग दे सकूं।”
मारिन के कार्यकाल के दौरान टीम की मजबूत साख बनी थी और उन्हें एकजुट टीम तैयार करने का श्रेय दिया जाता है, जहां खिलाड़ी एक-दूसरे की सफलता में खुशी साझा करते थे। उन्होंने पारिवारिक कारणों से टोक्यो ओलंपिक के बाद पद छोड़ दिया था। उनके पिछले कार्यकाल में भारतीय टीम विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंची थी।
अर्जेंटीना के पूर्व मिडफील्डर मटियास विला ने 1997 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। उन्होंने 2000 के सिडनी ओलंपिक और 2004 के एथेंस ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। वह पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से कोचिंग से जुड़े हुए हैं।
लोम्बार्ड को उनके कार्य में रोडेट इला और सियारा इला का सहयोग मिलेगा, जिन्हें वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। टोक्यो ओलंपिक के बाद भारतीय टीम को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई, जिसके चलते टीम में बदलाव का दौर शुरू हुआ। इस दौरान कप्तान रानी रामपाल, वंदना कटारिया और दीप ग्रेस एक्का जैसी प्रमुख खिलाड़ियों ने चोटों के कारण संन्यास ले लिया।
भारतीय महिला टीम 2024 के पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, हालांकि उसने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2023 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया। टीम ने पिछले साल एशिया कप में रजत पदक जीता, लेकिन यह अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफिकेशन के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
पिछले साल एफआईएच प्रो लीग के 16 मैचों में टीम सिर्फ दो मुकाबले जीत सकी, जिसके चलते उसे नेशंस कप में उतरना पड़ा। मुख्य कोच के रूप में मारिन के सामने पहली बड़ी चुनौती 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद में होने वाला महिला विश्व कप क्वालीफायर टूर्नामेंट होगी। मारिन 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे, जबकि राष्ट्रीय कोचिंग कैंप 19 जनवरी से बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) परिसर में शुरू होगा।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि हम सोर्ड मारिन और पूरे सपोर्ट स्टाफ का भारतीय हॉकी परिवार में स्वागत करते हैं। उन्होंने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण का धन्यवाद करते हुए कहा कि विश्व कप क्वालीफायर को ध्यान में रखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी की गई।
टिर्की ने कहा कि टीम की फिटनेस पर विशेष जोर दिया गया है, जो टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन का एक अहम कारण था। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेगी।
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