मधुबनी सहित सभी जिला परिषदों की 8500 एकड़ रिक्त भूमि को विकास कर युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार : दीपक प्रकाश
मधुबनी सहित सभी जिला परिषदों की 8500 एकड़ रिक्त भूमि को विकास कर युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार : दीपक प्रकाश
Published : Jan 12, 2026, 2:42 pm IST
Updated : Jan 12, 2026, 2:42 pm IST
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दीपक प्रकाश
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पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न, आज पंचायत सरकार भवन का होगा निरीक्षण

मधुबनी : बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अपने एक दिवसीय प्रवास कार्यक्रम के अंतर्गत मधुबनी पहुँचे। आज मधुबनी परिसदन में उनकी अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पटना मुख्यालय से विभागीय उप सचिव श्री गोविंद चौधरी , प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला परिषद के पदाधिकारी सहित जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा जिले में संचालित पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

जिला परिषद की रिक्त भूमि की समीक्षा

समीक्षा के दौरान मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि मधुबनी जिला परिषद के पास कुल 393 एकड़ रिक्त भूमि उपलब्ध है, जिसका योजनाबद्ध विकास कर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन भूमि खंडों को दुकानों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए लीज पर देने के साथ-साथ मॉल तथा आवासीय परिसरों के निर्माण हेतु भी चिन्हित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही अतिक्रमित भूमि को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त किए जाने का भी निर्देश दिया। इस क्रम में रिक्त भूमि से संबंधित स्पष्ट एवं अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मंत्री ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि जिला परिषद की सभी भूमि का विस्तृत विवरण विभाग को उपलब्ध कराया जाए।

पंचायत सरकार भवन की समीक्षा

मधुबनी के कुल 386 पंचायतों में से 122 में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 140 भवन निर्माणाधीन हैं। 124 पंचायतों में भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।  जबकि 13 पंचायत सरकार भवनों के लिए भूमि अप्राप्त है। पूर्ण हो चुके 122 भवन में से 108 भवन क्रियाशील हो चुके हैं।  

मंत्री दीपक प्रकाश ने  स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने अथवा गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों एवं एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सोलर लाइट अधिष्ठापन की समीक्षा

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिले में कुल 57,200 सोलर लाइट अधिष्ठापन का लक्ष्य था जिसके आलोक में 33,743 अधिष्ठापन पूर्ण हो चुका है जबकि  23,457 सोलर लाइटों की स्थापना शेष है। मंत्री ने आगामी 31 मार्च तक कार्य पूर्ण करने का सख्त आदेश दिया। साथ ही यह भी आदेशित किया कि इससे जुड़े भुगतान का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कर विभाग को सूचित किया जाए। पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सोलर लाइट के सभी खंभों पर सर्विस प्रोवाइडर का व्हाट्सएप नंबर लिखा होना अनिवार्य है। जिन क्षेत्रों में एजेंसी लाइट का मेंटेनेंस ठीक से नहीं हो रहा है तो ऐसी एजेंसी को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

उपयोगिता प्रमाण पत्र

उपयोगिता प्रमाण पत्र के संबंध में कोई समर्पित प्रतिवेदन से अपेक्षित प्रगति परिलक्षित हुई है। जिले में विभिन्न योजनाओं के तकरीबन 1621 करोड़ के उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को समर्पित नहीं किए गए थे। लगातार प्रयास के बाद अब 232 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पित करने के लिए शेष रह गया है। मंत्री दीपक प्रकाश ने शेष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथाशीघ्र विभाग को समर्पित करने का निर्देश दिया। 

छठी एवं पंद्रहवीं वित्त आयोग से संबंधित योजना

छठी  वित्त आयोग से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत आवंटित राशि में से ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर जहां 60 से 65 % की राशि खर्च हो चुकी है वहीं जिला परिषद में 30 % से भी कम राशि खर्च हुई है। पंडौल , फुलपरास और अंधराथरी प्रखंड की धीमी प्रगति के संबंध में BPRO से कारण पृच्छा की गई।

पंद्रहवीं वित्त आयोग से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत आवंटित राशि में से ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर जहां लगभग 50 % की राशि खर्च हो चुकी है वहीं जिला परिषद में केवल 15 % राशि खर्च हुई है। 

मंत्री ने योजनाओं की प्रगति पर असंतोष जाहिर किया। मुख्य रूप से  जिला परिषद में पंद्रहवीं वित्त आयोग से संबंधित योजनाओं में कार्य अत्यंत चिंताजनक है। मंत्री ने इसके संबंध में अलग से विस्तृत प्रतिवेदन देने का आदेश दिया।

कन्या विवाह मंडप योजना

कन्या विवाह मंडप निर्माण योजना की समीक्षा के क्रम में पदाधिकारियों ने बताया कि मधुबनी के 386 पंचायतों में से अंचल कार्यालय से 30 पंचायतों के लिए मंडप निर्माण हेतु भूमि विवरणी उपलब्ध है जबकि 356 की भूमि का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। कुल 30 पंचायतों के लिए विभागीय स्वीकृति हेतु पत्र भेजा गया है जिसमें केवल 11 पर स्वीकृति प्राप्त हुई है। 

ग्राम कचहरी की समीक्षा

ग्राम कचहरी में मधुबनी जिले में कुल 2713 मामले दर्ज हुए हैं जिनमें से 1155 मामलों का निष्पादन हो चुका है। मंत्री ने ग्राम कचहरी से संबंधित मामलों के रजिस्टर्ड होने की कम संख्या पर  गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को सरपंचों एवं संबंधित कर्मियों के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बासोपट्टी, जयनगर, लदनिया के BPRO से कम मामला रजिस्टर्ड होने पर कारण पृच्छा की गई।

RTPS की समीक्षा 

समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि मधुबनी जिले में RTPS के अंतर्गत कुल 2,17,149 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 2,13,629 मामले निष्पादित हो गए हैं। मंत्री ने पदाधिकारियों को RTPS सेंटर का लगातार औचक निरीक्षण करते रहने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए विभागीय पदाधिकारियों को पूर्ण प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

Tags: bihar

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