जहानाबाद सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामला : बिहार में NDA शासन में बच्चियां तक नहीं हैं सुरक्षित: कृष्णा अल्लावारू
जहानाबाद सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामला : बिहार में NDA शासन में बच्चियां तक नहीं हैं सुरक्षित: कृष्णा अल्लावारू
Published : Jan 19, 2026, 3:06 pm IST
Updated : Jan 19, 2026, 3:06 pm IST
SHARE ARTICLE
दोषियों की गिरफ्तारी और महिलाओं बच्चियों की राज्य में सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया
दोषियों की गिरफ्तारी और महिलाओं बच्चियों की राज्य में सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया

गर्ल्स हॉस्टल कांड पर प्रशासन किसके इशारे पर आरोपियों की गिरफ्तारी से बच रही है?: राजेश राम

एनडीए सरकार पर  कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भरोसा आम लोगों का टूट चुका है:  प्रवीण सिंह कुशवाहा

पटना : राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल में सामूहिक दुष्कर्म और संदिग्ध मौत का मामला पूरे राज्य में एनडीए सरकार और पटना प्रशासन के प्रति गहरी नाराज़गी और आक्रोश का विषय बन चुका है। घटना की गंभीरता और आरोपियों के प्रति कार्रवाई की धीमी रफ्तार को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है। राज्य में एनडीए शासन में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए निजी छात्रावासों में रहने वाली बच्चियां राजधानी तक में सुरक्षित नहीं हैं। ये बातें बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर धीमी कार्रवाई, दोषियों की गिरफ्तारी और महिलाओं बच्चियों की राज्य में सुरक्षा को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर कही।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि एनडीए सरकार में प्रत्येक राज्यों में महिलाओं और बच्चियों की स्थिति बदतर है। छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से हमेशा भय का माहौल बना रहता है। राज्य की भाजपा जदयू सरकार ने अपराधियों को संरक्षण दे रखा है और किसी भी बड़े वीभत्स कांड के बाद पुलिस प्रशासन को नियंत्रित कर कार्रवाई की रफ्तार प्रभावित करती है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति कांग्रेस गंभीर है और हम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर लगातार जहानाबाद से लेकर पटना तक आंदोलित हैं। राज्य की सरकार में उप मुख्यमंत्री और गृह विभाग की जिम्मेदारी देखने वाले सम्राट चौधरी केवल मीडिया में कानून व्यवस्था और बुलडोजर एक्शन को लेकर बयानबाजी करते रहते हैं लेकिन हकीकत यह है कि राज्य की राजधानी पटना ही हमारे महिलाओं बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं है तो और जिलों का हाल भगवान भरोसे ही है। साथ ही उन्होंने एफआईआर में देरी और संचालिका से पूछताक्ष के बाद छोड़ देने पर भी सवाल उठाया।

1

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि राजधानी पटना के पॉश इलाके में इतनी बड़ी घटना हो जाती है और एनडीए शासन की पुलिस अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं कर पाई। उन्होंने पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल रेप कांड में हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपत्ति और उनके बेटे की गिरफ्तारी न होने पर भी सरकार से जवाब मांगा। इस मामले में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर ने साक्ष्य मिटाने और आपराधिक छेड़छाड़ की कोशिश की, फिर भी उसमें शामिल लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अस्पताल को अब तक सील क्यों नहीं किया गया? यह सभी सवाल अनुत्तरित हैं। बिहार में एनडीए शासन काल में सूबे की महिलाओं बच्चियों और आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। अपराधी निर्भीक होकर कांड कर आराम से भूमिगत होकर मामले को मैनेज कर रहे हैं। विधान परिषद में दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने बिहार सरकार से पूछा कि जांच धीमी क्यों चल रही है या फिर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार रसूखदार आरोपियों को बचाने की कवायद कर रही है? यदि आरोपियों को साक्ष्य मिटाने और मामले को मैनेज करने का समय दिया जा रहा है, तो यह प्रदेश में व्याप्त कानून-व्यवस्था की सच्ची तस्वीर बयां करता है।

कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार को यह भरोसा देना होगा कि कोई भी आरोपी चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के आगे सभी बराबर हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो एनडीए सरकार के अधीन बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भरोसा आम लोगों का टूट चुका है। विरोध प्रदर्शन के बाद बिहार के मुख्मंत्री नितीश कुमार का पुतला दहन किया गया 
 
विरोध प्रदर्शन में विधान परिषद में कांग्रेस दल नेता डा. मदन मोहन झा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव सह बिहार प्रभारी सुशील कुमार पासी, शाहनवाज आलम, विधायक अबिदुर रहमान, मनोज विश्वास, अभिषेक रंजन, सुरेन्द्र कुशवाहा,  मंत्री वीणा शाही, अफाक आलम ब्रजेश प्रसाद मुनन, कपिलदेव प्रसाद यादव, प्रवीण सिंह कुशवाहा, अमित कुमार टुन्ना,प्रतिमा कुमारी दास, अमिता भूषण, विजेन्द्र चैधरी,  कुमार आशीष, शरवत जहां फातिमा, असितनाथ तिवारी, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, सौरभ सिन्हा, चन्द्र प्रकाश सिंह, रौशन कुमार सिंह, मंजीत आनन्द साहू,  पाण्डेय थे।

Tags: bihar

Location: International

SHARE ARTICLE

ROZANASPOKESMAN

Advertisement

 

'हमारा गांव बिकाऊ है' पोस्टर विवाद बढ़ा, SHO के खिलाफ कार्रवाई

03 Jun 2025 5:49 PM

रोती हुई महिला ने निहंग सिंह पर लगाया आरोप बेअदबी, फिरोजपुर जमीन विवाद निहंग सिंह मामला

03 Jun 2025 5:48 PM

पंजाब किंग्स की जीत! मुंबई इंडियंस को हराकर फाइनल में बनाई जगह, अब RCB से होगी बड़ी टक्कर

02 Jun 2025 6:41 PM

Punjab Kings Vs RCB ! सुनें दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाज मोहित शर्मा किसका कर रहे हैं समर्थन

02 Jun 2025 6:39 PM

जेल से बाहर आने के बाद जगदीश भोला का EXCLUSIVE वीडियो

02 Jun 2025 6:37 PM

राजबीर कौर ने बताया कपिल शर्मा और भारती बहुत शरारती हैं, Rajbir kaur Exclusive Interview

02 Jun 2025 6:35 PM