सदन में इतना तनाव बढ़ गया की सदन में अजीबो ग़ज़ीब स्थिति कायम हो गया
पटना : बिहार विधानसभा में विपक्ष एवं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामबिलास पासवान को लेकर भारी हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही ज्योंहि शुरु हुआ कि लोजपा विधायक दल नेता राजू तिवारी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाता हुए कहा कि लोजपा के संस्थापक स्व रामबिलास पासवान जी ने गरीबों दलितों को सम्मान दिया। लेकिन सदन में राजद के वरिष्ठ नेता ने विचारे शब्द का प्रयोग कर अपमान किया हैं उन्हें सदन में माफी मांगना चाहिए।
सत्ता पक्ष के लोजपा सदस्य अपने आसन पर खड़े होकर नारे लगाते हुए कहा कि गरीबों का मसीहा रामबिलास पासवान जी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, सदन में विपक्ष हमेशा दलितों का अपमान कर सदन में मूर्ति बनाने की मांग करते हैं इनका दोहरी नीति नहीं चलेगी। सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्ष ने भी अपने आसन पर खड़े होकर शोर शराबे एवं हंगामा करने लगे। विपक्ष की ओर भाई वीरेन्द्र ने सत्ता पक्ष पर सदन न चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिनको ये लोग विरोध कर रहे हैं वहीं राजद ने स्व पासवान जी को राज्यसभा भेजकर सामान्य दिया था। आज वहीं लोग राजद को अपमान कर रहे हैं।
सदन में सत्ता एवं प्रतिपक्ष के लोगो के बीच काफी तू तू मैं एवं हंगामा होने लगा। सदन में इतना तनाव बढ़ गया की सदन में अजीबो ग़ज़ीब स्थिति कायम हो गया। स्पीकर डॉ प्रेम कुमार ने सत्ता एवं प्रतिपक्ष के सदस्यों से शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील किया । स्पीकर डॉ प्रेम कुमार के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सत्ता पक्ष के लोगों को अपने आसन पर बैठने की अपील करते देखा गया। फिर सदन शांतिपूर्ण ढंग से चलने लगा। जब शून्य काल आया तो लोजपा विधायक दल नेता राजू तिवारी अपनी मांग को दोहराते होते कहा कि राजद एक तरफ लोजपा के संस्थापक स्व रामविलास पासवान बेचारा कहकर अपमान कर आदमकद प्रतिमा बनाने की मांग करती है। इसपर सत्ता एवं प्रतिपक्ष के बीच काफी शोर शराबे एवं हंगामा होने लगा। राजद के भाई वीरेंद्र एवं जीवेश मिश्रा में काफी तू तू मैं एवं नोक झोंक हुआ। इससे आहत विपक्ष ने सदन के वेल में पहुंचकर भारी हंगामा करने लगे। जिससे सदन शोर शराबे एवं हंगामे में डूब गया। सदन में सत्तापक्ष एवं विपक्ष आमने सामने आ जाने के बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।