तेजस्वी को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी को मजबूत और धारदार बनाने के अभियान को गति मिलेगी : एजाज अहमद
पटना : बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव को राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद यादव की उपस्थिति में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के द्वारा सर्वसम्मति से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने पर बधाई देते हुए कहा कि इनके कार्यकारी अध्यक्ष बनने से पार्टी के संगठन को मजबूती और धारदार बनाने को गति मिलेगी।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी जी को लालू प्रसाद जी ने राजद का कार्यकारी अध्यक्ष का प्रमाण पत्र भी दिया। तेजस्वी जी ने लालू जी का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी जी लालू प्रसाद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए संगठन को मजबूत और धारदार रूप से राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाकर को एक नई दिशा और पहचान देने का कार्य करेंगे।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को रविवार को यहां हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। इस घटनाक्रम से उत्तराधिकार क्रम में उनकी स्थिति पर मुहर लग गई है।
राजद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया, जिसमें यादव, प्रसाद और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यादव की सबसे बड़ी बहन एवं पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती भी बैठक में मौजूद थीं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी वर्तमान में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।
यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया और कहा, ‘‘हमारे गठबंधन को चुनाव में 1.90 करोड़ वोट मिले थे। राजद के इतिहास में पहले कभी भी लोगों ने हमारे नेतृत्व वाले गठबंधन को इतने वोट नहीं दिये हैं।’’
जद (यू) के प्रमुख एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए राजद नेता ने कहा, ‘‘वह कुछ साल पहले तक हमारे साथ थे और ‘इंडिया’ गठबंधन की अवधारणा बिहार की धरती पर ही बनी थी, जहां देशभर के नेताओं ने भाजपा को हराने के लिए अपने मतभेदों को भुलाने पर सहमति जताई थी।’’
यादव ने दावा किया, ‘‘अगर चाचा (नीतीश) ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अपना रुख नहीं बदला होता और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में वापस नहीं लौटे होते, तो भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को केंद्र में एक और कार्यकाल नहीं मिल पाता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज राजनीति में आपके पास दो ही विकल्प बचे हैं। या तो आप नरेन्द्र मोदी से लड़ें, या उनके चरणों में नतमस्तक हो जाएं। मेरा रास्ता साफ है, क्योंकि लालू जी का खून मेरी रगों में बहता है। चाचा ने मोदी के सामने झुकना चुना है, और आप सभी ने उनकी तस्वीरें देखी होंगी।’’