सीएम मान के खिलाफ में निंदा प्रस्ताव लाने की इजाजत न देकर तानाशाह स्पीकर संधवां ने किया पक्षपात
- कहां गया पंजाब सरकार का युद्ध नशेयां विरुध? आप नेता का नशे के साथ पकड़ा जाना चिंता का विषय
चंडीगढ़ : पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की महिलाओं को भले ही 1000-1500 रुपए मिले या न मिले। लेकिन सरकार ने गुजरात के लिए पंजाब का खजाना खोल दिया है। वहां की सारी अखबारों में महिलाओं को पैसे देने के फुल पेज इश्तिहार लगवा दिए हैं। सरकार शुरू से ही ब्रांडिंग करती आ रही है। पंजाब पहले ही 4.17 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में है और आप सरकार बाहरी राज्यों में अपनी पब्लिसिटी करने में करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही है।
उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा के मामले में निंदा प्रस्ताव पास करने और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ आए निंदा प्रस्ताव को रद्द करने पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम मान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की इजाजत न देने पर स्पीकर संधवां पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संधवां को यह प्रस्ताव लाने की इजाजत देकर सभी के लिए मिसाल कायम करनी चाहिए थी। उन्होंने उदाहरण तो पेश की, लेकिन तानाशाही की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के खिलाफ गलत टिप्पणी करके उन्हें अपमानित किया है। मुख्यमंत्री को पंजाब की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।
परगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की युद्ध नशेयां विरुध मुहिम को उनके अपनी ही पार्टी के लोग धक्का लगा रहे हैं। पार्टी अपने नेताओं को नशा बेचने से रोक नहीं पा रही है। पंजाब में नशा खत्म करने का दावा कैसे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नशा मुक्ति कमेटी के सदस्य सरपंच का खुद करीब 90 करोड़ रुपए लागत की 18 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा जाना चिंता का विषय है। सरकार को अपने लोगों पर शिकंजा कसने की जरूरत है।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है। सरकार ने पंजाब में 16 मैडीकल कालेज बनाने की बात कही थी, लेकिन एक भी कालेज बना नहीं सकी है। मालवा में नहर बनाने की बात हो या फिर विधायकों को 5-5 करोड़ रुपए देने की बात हो, सभी वादे सिर्फ कागजी वादे ही साबित हुए हैं। वह पहले ही कहते आ रहे हैं कि सरकार इवेंट क्रिएट करती है और उसे 10—15 दिन चलाती है। ताकि लोगों का ध्यान बंटा रहे और मुख्य मुद्दों से दूर रहे।